सहकारिता के क्षेत्र में आयेगी धूम

सारंग और मांडगे की उपस्थिति में एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित

भोपाल,3 जुलाई,मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ के दस विंध्य हर्बल उत्पादों का विक्रय आगामी अगस्त माह से मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ के साँची पार्लरों पर भी होगा. इसी तरह एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव्ह डेयरी फेडरेशन के दुग्ध उत्पाद भी संजीवनी केन्द्रों पर आम जनता के विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे.

लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष  विश्वास सारंग और दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र माण्डगे की उपस्थिति में दोनों संघों के प्रबंध संचालक आर.एस. नेगी एवं सुधा चौधरी ने आज इस संबंध में एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये. लघु वनोपज संघ के कार्यालय में हुए इस हस्ताक्षर कार्यक्रम में भोपाल दुग्ध संघ के अध्यक्ष धर्मसिंह वर्मा, उज्जैन दुग्ध संघ के अध्यक्ष पाटीदार उपस्थित थे.

विश्वास सारंग ने साँची पार्लरों पर विंध्य हर्बल उत्पादों के विक्रय को सहकारिता आंदोलन में एक नया कदम बताया. उन्होंने कहा कि सहकारिता में सहकार की भावना से कार्य करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है. श्री सारंग ने बताया कि पहले चरण में दस विंध्य हर्बल उत्पादक भोपाल के 150 साँची पार्लरों पर विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे. बाद में शेष शहरों में भी यह प्रक्रिया अपनाई जायेगी. उन्होंने बताया कि वनोपज संघ की आयुर्वेदिक औषधियाँ अपनी उच्च गुणवत्ता के कारण पूरे देश-प्रदेश में प्रसिद्ध हैं.सुभाष चन्द्र माण्डगे ने हर्बल उत्पादों और दुग्ध उत्पादों को एक स्थान पर उपलब्ध कराने की पहल को अनुकरणीय बताया. उन्होंने कहा कि दुग्ध महासंघ शीघ्र ही कर्नाटक की कैमको कम्पनी से भी एम.ओ.यू. करेगा, जिससे कैमको के चॉकलेट भी साँची पार्लरों पर विक्रय के लिए उपलब्ध हो सकेंगे.

इसी तरह बुरहानपुर की शुगर फेक्ट्री के माध्यम से 250 ग्राम के शक्कर के पैकेट भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाने की योजना है. अन्य दुग्ध उत्पादों के साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित ब्रेड भी साँची पार्लर पर बेची जा रही है. प्रारंभ में विश्वास सारंग ने माण्डगे और अन्य अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम में बरखेड़ा पठानी स्थित माइनर फूड प्रोड्यूस प्रोसेसिंग रिसर्च सेंटर के सीईओ ओ.आर. अखंडियार ने विंध्य हर्बल उत्पादों के निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी. विश्वास सारंग ने अतिथियों को संघ की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किये. अंत में अपर प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ जी.ए. इन्हाल ने आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के सलाहकार बी.आर. खरे भी उपस्थित थे.

साँची पार्लर पर मिलने वाले विंध्य हर्बल

विंध्य हर्बल वनीय शहद
हर्बल च्यवनप्राश
त्रिफला चूर्ण, पाचक आँवला सुपारी
पौष्टिक चूर्ण. हर्बल बाम
आँवला जूस, आँवला मुरब्बा
केशराज तेल
अर्जुन हर्बल चाय

Related Posts: