नयी दिल्ली, 24 जून. राष्ट्रपति चुनाव में पी ए  संगमा अब अपने को विजेता के रूप में देखने के लिए किसी ‘चमत्कार’ की उम्मीद कर रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में प्रणव मुखर्जी के पक्ष में दिख रही स्पष्ट बढ़त के बीच विपक्षी उम्मीदवार पी ए एंगमा अब अपने को विजेता के रूप में देखने के लिए किसी ‘चमत्कार’ की उम्मीद कर रहे हैं।

जब संगमा से कहा गया कि 60 फीसदी से अधिक मतदाता पहले ही मुखर्जी के पक्ष में अपना समर्थन व्यक्त कर चुके हैं और ऐसे केवल चमत्कार से ही उनकी जीत सुनिश्चित हो सकती है, तब उन्होंने कहा, ”हां, चमत्कार इस दुनिया में ही हो सकते हैं और होते हैं । यह होता है और मैं चमत्कारों में विश्वास करता हूं। आप सही हैं। मैं अवश्य ही चमत्कार में विश्वास करता हूं। “उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले ही उन्हें पराजित मान लेना ठीक नहीं है और दावा किया कि ईश्वर उनके साथ है। उन्होंने  कहा, ”राजनीति तेजी से आगे बढ़ती है। यह राजनीति है। राजनीति में कुछ भी हो सकता है। चीजें हररोज बदलती हैं और अभी अभी आपने देखा भी।”

संगमा ने इस बात से इनकार किया कि भाजपा अन्य राजनीतिक दलों को अपने साथ लाने या नवीन पटनायक ओडि़शा में 25 फीसदी वोट अपनी पार्टी के पक्ष में करने के लिए उनका हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने राय व्यक्त की कि यहां तक कि मीडिया भी किसी के हाथों में हथियार के रूप में खेल रही है । उन्होंने कहा, ”हम सभी हथियार हैं। आप किसी के लिए हथियार हंै। मैं किसी के लिए हथियार हूं। इन छोटी बातों को बीच में मत लाइए।” भाजपा, अन्नाद्रमुक और बीजद का समर्थन हासिल करने वाले संगमा ने कहा कि उनकी उम्मीदवारी से इस देश में धर्मनिरपेक्षता का भला होगा।

प्रणब ने ममता से फिर मांगा समर्थन
कोलकाता। संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने परोक्ष रूप से तृणमूल कांग्रेस से एक बार फिर अपील करते हुए रविवार को सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे उन्हे वोट दें।  प्रणब ने कहा मैं संप्रग और अन्य दलों द्वारा नामित उम्मीदवार हूं। मैं हर किसी का सहयोग और समर्थन चाहता हूं। जिन्होंने अपना रुख तय कर लिया है, वे अपनी सम्बंधित पार्टियों के निर्णय के आधार पर वोट देंगे। जिन्होंने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है, मैं उनसे अपील करूंगा कि वे संप्रग तथा बाहर से समर्थन देने वाले दलों के संयुक्त उम्मीदवार का समर्थन करे।

ज्ञात हो कि संप्रग में दूसरा सबसे बड़ा घटक, तृणमूल कांग्रेस ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा चुनाव लडऩे से इंकार किए जाने के बाद राष्ट्रपति चुनाव पर अभी तक अपने रुख की घोषणा नहीं की है। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने हालांकि देश का अगला राष्ट्रपति बनने की मुखर्जी की कोशिश का अभी तक पूरी दृढ़ता से विरोध किया है। मुखर्जी ने शनिवार रात कहा था कि फिलहाल बनर्जी से मिलने का कोई मौका नहीं है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति चुनाव पर वह उनसे बात करेगे। मुखर्जी ने कहा, जब जरूरी होगा, मैं निश्चित तौर पर उनसे बात करूंगा। मुखर्जी के खिलाफ पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा मैदान में है, जिन्हे भारतीय जनता पार्टी [भाजपा] और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन [राजग] के कुछ घटकों तथा ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडग़म [एआईएडीएमके] व बीजू जनता दल [बीजद] का समर्थन प्राप्त है।

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