लाभ के 2 पदों पर अब भी काबिज

नई दिल्ली, 7 जुलाई, नससे. राष्ट्रपति पद के लिए संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को एक बार फिर एनडीए समर्थित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पीए संगमा ने घेरने का प्रयास किया है. श्री संगमा ने श्री मुखर्जी के खिलाफ लाभ के दो पदों पर अब भी काबिज होने का नया आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से इस संबंध में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

श्री संगमा की ओर से तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर श्री मुखर्जी के उम्मीदवारी पर सवाल उठाया है. जिसके बाद आयोग ने उन्हें अपनी मांग के बारे में लिखित रूप में सोमवार शाम तक दलील पेश करने का वक्त दिया है. श्री संगमा के साथ ही जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि श्री मुखजी वीरभूम इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नॉलजी इंस्टीट्यूट के उपाध्यक्ष और रवीन्द्र भारती सोसायटी के अध्यक्ष के तौर पर लाभ के दो अन्य पदों पर अब भी काबिज हैं. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (सीईसी) वीएस संपत से मुलाकात की और इस बारे में उन्हें अवगत कराया है. श्री स्वामी ने कहा कि यहां धोखाधड़ी का मुद्दा है. चुनाव आयोग को यह फैसला करने दीजिए कि नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी हुई है या नहीं. प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता और संगमा के वकील सत्यपाल जैन भी शामिल थे. निर्वाचन अधिकारी के फैसले का विरोध करते हुए श्री जैन ने कहा कि उन्होंने आयोग के सामने तीन दलीलें पेश कर  हस्तक्षेप की मांग की है.  नियमों के मुताबिक चुनाव आयोग के पास हस्तक्षेप करने की शक्ति है, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया जारी है.

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