पृथक अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की पहल प्रशंसनीय: पुनिया

भोपाल,14 सितंबर. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मध्यप्रदेश में पृथक अनुसूचित जाति कल्याण विभाग प्रारंभ करने, शत-प्रतिशत जिलों में अजाक थाने शुरु करने, प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विरुद्व किए गए अपराधों के दोषियों को सजा दिलाने के प्रतिशत और शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की प्रशंसा की है. आयोग ने प्रदेश के भ्रमण के दौरान आज मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण कार्यक्रमों के संबंध में चर्चा की.

बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी.एल. पुनिया, आयोग के सदस्यों, प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री हरीशंकर खटीक, मुख्य सचिव  अवनि वैश्य, पुलिस महानिदेशक एस.के. राउत और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष पुनिया ने इस मौके पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति कल्याण के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की सराहना की.

पुनिया ने प्रदेश में मुख्य रूप से कन्या छात्रावास भवनों में बाउंड्रीवॉल बनाने, महिला वार्डनों की नियुक्ति करने, अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों में पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने, सफाई कर्मियों की सेवा शर्तो को और बेहतर बनाने, सरकारी खरीदी में अनुसूचित जाति के लोगों से तीस प्रतिशत तक खरीदी करने और अंबेडकर भवनों में सुविधा बढ़ाते हुए अधिक से अधिक लोगों को फायदा पहुंचाने का सुझाव भी दिया.

पुनिया ने कहा कि मध्यप्रदेश में जिस तरह प्रायवेट स्कूलों, डीपीएस, सैनिक स्कूल आदि में विद्यार्थियों के शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है, उसका उच्च शिक्षा एवं व्यवसायिक शिक्षा तक विस्तार किया जाए.  पुनिया ने मध्यप्रदेश में संभाग स्तर पर आदर्श आवासीय विद्यालयों, उत्कृष्ट शिक्षा केद्रों और छात्र-छात्राओं के लिए प्रारंभ किए गए न्यूनतम 50-50 सीटर छात्रावास शुरु करने की पहल को भी प्रशंसनीय बताया. उन्होंने जाति प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया के सरलीकरण को भी विद्यार्थियों के हित में आवश्यक बताया.

आयोग अध्यक्ष ने अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रिक्त पदों की पूर्ति करने और फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के प्रकरणों की छानबीन के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की. बैठक में आयोग के विभिन्न सदस्यों ने मध्यप्रदेश मे बेडिय़ा और बॉछड़ा जातियों के पुनर्वास, अनुसूचित जाति वर्ग के भूमिहीन व्यक्तियों को जमीन आवंटित करने और नगरों में सफाई कार्य के लिए मशीनों के उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की.
अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री हरीशंकर खटीक में कहा कि महिलाओं में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए अनुसूचित जाति वर्ग की बालिकाओं को कक्षा छठवीं एवं नवमी में प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा रही है. इसका प्रभाव महिला साक्षरता वृद्वि के रुप में सामने आ रहा है.

मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश मे अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के क्षेत्र में अलग पहचान बना रहा है. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अनुसूचित जातियों के समग्र विकास के लिए अलग विभाग गठित करने,बजट राशि बढ़ाने और अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं की सतत समीक्षा पर ध्यान दिया है.

बैठक में सामान्य प्रशासन, नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण आदि विभागों के प्रमुख सचिवों ने अनुसूचित जाति तबके के कल्याण के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का विवरण दिया. प्रारंभ में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का स्वागत किया गया . प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण देवराज बिरदी ने आयोग को विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति आदि की राशि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़ा गया है. इस अवसर पर केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में भी चर्चा हुई .
बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य एम शिवन्ना, राजू परमार एवं लथा प्रियाकुमार, राजकुमार, आयोग के संयुक्त सचिव टी.टीथन और चित्रा आर्मुगम उपस्थित थीं.

Related Posts: