सरकार पर उसके ही आर्थिक सलाहकार ने साधा निशाना

नई दिल्ली, 20 अप्रैल. केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा है कि घोटालों और गठबंधन सरकार में ठोस निर्णय न लेने क्षमता के कारण देश की आर्थिक तरक्की में रुकावट पैदा हुई है.

बसु ने देश की आर्थिक स्थिति में सुधार न होने के लिए देश की राजनीतिक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि इन दिनों देश में चल रहे घोटालों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. इसके साथ ही राजनैतिक पार्टियों में चल रही तानाशाही का असर भी देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. बसु ने अनुमान लगाया है कि वर्ष 2015 के बाद ही देश की अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार के संकेत हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक देश की आर्थिक स्थिति का विकास संभव नहीं है.

उन्होंने कहा कि फिलहाल वर्ष 2014 तक देश की आर्थिक स्थिति में किसी तरीके का बदलाव नहीं होगा लेकिन वर्ष 2015 के बाद देश विकास की राह पर चल पड़ेगा. इस संदर्भ बीजेपी नेता यशवंत सिंहा ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है. राजनीतिक दलों का गठबंधन भी सरकार की मजबूरी बन गई है. इसलिए सरकार चाह कर नई योजनाएं लागू नहीं कर पा रही है. अब तक सरकार की कई योजनाएं लंबित पड़ी है. जैसे जीएसटी, एफडीआई इन रिटेल,बैंकिंग कानून में संशोधन, डीटीसी.

बसु के बयान से सरकार की फजीहत
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के विवादास्पद बयान से सरकार के लिए भारी फजीहत उठ खड़ी हुई है. केंद्रीय मंत्रियों और योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने सरकार का बचाव करने की कोशिश की है. प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री वी नारायण सामी ने बसु के बयान को उनकी व्यक्तिगत राय बताते हुए कहा कि वास्तव में सरकार ने वित्तीय सुधार और ग्रामीण व शहरी विकास के लिए कई सक्रिय कदम उठाए हैं.

सामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में देश बेहतर से बेहतर विकास का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व के प्रयासों का ही फल है कि विश्व में आर्थिक मंदी के कारण जहां दुनिया की बड़ी और मजदूत अर्थव्यवस्थाएं धराशाई हो रही हैं, वहीं हमारा देश तरक्की की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने बसु के बयान पर टिप्पणी करने से इंकार किया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में बसु से ही पूछा जाना चाहिए. सिब्बल ने कहा कि यदि बसु ने ऐसा बयान दिया है तो इस पर सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए.

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि देश में नीति निर्धारण एवं फैसला लेने में गतिरोध संबंधी बसु के बयान से वह सहमत नहीं हैं. बसु ने कल वाशिंगटन में कहा था कि वर्ष 2014 के आम चुनाव से पहले देश में आर्थिक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की संभावना नहीं है. आम चुनाव के बाद केंद्र में नई सरकार के गठन के उपरांत ही आर्थिक सुधारों की गाड़ी के फिर से आगे बढऩे की उम्मीद है.

वेटिंलेटर पर है मौजूदा गठबंधन सरकार : यशवंत सिन्हा
नई दिल्ली.  वित्तमंत्री के आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के बयान पर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है. सिन्हा ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर सरकार लकवाग्रस्त है और वेंटिलेटर पर चली गई है. उन्होंने कहा कि दुनिया आर्थिक संकट में है लेकिन हमारी समस्या अंदरूनी है. पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि धीमी आर्थिक विकास की बात विपक्ष पहले ही कहता रहा है लेकिन हमारी बात को तव्वजो नहीं दी गई लेकिन अब यह बात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने खुद ही कह दी. गठबंधन की वजह से आर्थिक रफ्तार धीमी रहने के मुद्दे पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि मौजूदा केन्द्र सरकार देवगौड़ा और गुजराल की गठबंधन सरकारों से कमजोर है.

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