नई दिल्ली,13 नवंबर. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की न्यूयार्क के जेएफके एयरपोर्ट पर विस्फोटकों संबंधित तलाशी से नाराज भारत ने कहा है  कि अगर ऐसी गतिविधियां नहीं रूकीं, तो अमेरिका से आने वाले अतिथियों के साथ भी ऐसी ही जवाबी कार्रवाई की जाएगी। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बारे में अमेरिका में भारत की राजदूत निरूपमा राव से बातचीत करते हुए उन्हें निर्देश दिया कि वह इस मामले को लिखित में वाशिंगटन में शीर्षस्थ स्तर पर उठाएं। इस बारे में खुलासा हुआ था कि देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम की 29 सितंबर को एयर इंडिया के विमान में चढऩे के पहले तलाशी ली गई थी।

अमेरिका ने मांगी माफी

अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तलाशी की घटना के मामले में उनसे माफी मांगी है. लिखित माफीनामे में अमेरिका ने कहा ‘उच्च पदस्थ लोगों की जल्दी से जांच करने की उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.  अमेरिकी दूतावास ने  एक बयान में कहा, ‘हमें 29 सितंबर को न्यूयॉर्क के जेएफके हवाईअड्डे पर सुरक्षा जांच से जुड़ी घटना के नतीजतन उन्हें (कलाम को) हुई असुविधा के लिए गहरा अफसोस है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सक्रियता से काम कर रहा है. घटना पर गंभीर रुख अपनाते हुए भारत ने जवाबी कार्रवाई की बात कही थी.विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव को लिखित में अमेरिका के शीर्ष स्तर पर मामला उठाने का निर्देश दिया था.

कलाम सीट पर बैठ चुके थे, लेकिन अमेरिकी सुरक्षा बलों के जवानों ने चालक दल के सदस्यों से कहा कि वे दरवाजा खोलें और इसके बाद वे विस्फोटकों की जांच के लिए कलाम की जैकेट और जूते उतार कर ले गए, क्योंकि सुरक्षा बल विमान में चढऩे के पहले उनकी इस प्रकार की तलाशी लेना भूल गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, मंत्री ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए भारतीय दूतावास से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

उन्होंने बताया कि अगर ऐसी ही घटनाएं जारी रहीं, तो कूटनीतिक नियमों के मुताबिक इसकी जवाबी कार्रवाई होने की भी संभावना है। यह पहली बार नहीं है, जब कलाम की अमेरिकी अधिकारियों ने जांच की है। इसके पहले अप्रैल, 2009 में भी कलाम की अमेरिकी अधिकारियों ने जांच की थी, जबकि उनका नाम भारत के उन लोगों में शामिल था, जिन्हें सुरक्षा जांच से छूट मिली हुई थी। इस घटना के बारे में एयर इंडिया के निदेशक [सुरक्षा] एस माथुर की भेजी विस्तृत रिपोर्ट कोनागर विमानन मंत्रालय ने अक्तूबर में विदेश मंत्रालय भेज दिया है। नागर विमानन सचिव नसीम जैदी ने बताया यह घटना अमेरिका में हुई है और मेरी जानकारी के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा एजेंसिया इसकी जाच कर रही हैं। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए दोनों देश काम कर रहे हैं। इसमें अतिविशिष्ट अतिथियों की एक साझा सूची तैयार करना भी शामिल है।

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