भोपाल, 22 जून, नभासं. आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने गुणवत्ता विहीन बीज खरीदकर राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम को तीन करोड़ रूपयों से अधिक का नुकसान पहुंचाने के आरोप में आज आईएएस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एम. गोपालरेड्डी और बीज निगम के तत्कालीन प्रबंधकों आर जी गुप्ता,अमर सिंह चौहान,यू.एस सिसौदिया,ए के गुप्ता व गोपीचंद्र गंगराड़े और अन्य के खिलाफ धोखाधडी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार निगम के तत्क्लाीन प्रबंध संचालक एम गोपालरेड्डी वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं. यह मामला 31 जुलाई 2002 से 31 मार्च 2003 के बीच का है और उस समय  गोपालरेड्डी निगम के प्रबंध संचालक थे. आरोप है कि अधिकारी ने अपने अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए विभिन्न फर्मों से अमानक स्तर के चना,मटर और गेंहू के 15252 क्विंटल बीज तीन करोड चार लाख 52 हजार रूपयों में खरीदे थे. गौरतलब है कि 2 अगस्त 2002 को मंत्रालय में हुई कृषि विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान रबी फसल के चलते बीज खरीदने का निर्णय लिया गया था.

लेकिन उक्त निर्णय होने के पहले ही रेड्डी के अलावा तत्कालीन सहायक प्रबंधक एके शुक्ला एवं सर्वगीर्य आरके श्रीवास्तव के साथ मिलकर चना, मटर, मसूर एवं अलसी के बीज खरीदने के लिए टेंडर की प्राथमिक कार्यवाही 31 जुलाई 2002 को हुई. उक्त फसलों के बीजों के 3 अगस्त को निविदा जारी हुई, 5 अगस्त को रेड्डी ने कृषि विभाग को पत्र लिखकर चना, मटर, मसूर एवं अलसी एवं गेहूं के बीज खरीदने की अनुमति मांगी, जबकि नियमानुसार यह अनुमति निविदा जारी करने से पहले ली जानी थी. यह बीज खरीदने की अनुमति क्योंकि सरकार ने बीज विकास निगम को इसके बाद भी नहीं दी. इस लिए यह मामला फौरी तौर पर उक्त अधिकारियों के खिलाफ गया. और आज ईओडब्ल्यू ने अंतत: सरकार को आर्थिक छति पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की.

Related Posts: