रायसेन, 20 सितंबर. जिला किसान खेत मजदूर कांग्रेस रायसेन के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अति वर्षा से खरीफ फसलों को हुई क्षति का शीघ्र ही सर्वे कराकर मुआवजे व अन्य राहत की मांगों का 5 सूत्रीय ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को संबोधित कर कलेक्टर को सौपा.

संपूर्ण रायसेन जिले में अति वर्षा से सोयाबीन, उड़द, मूंग, बाजरा, ज्वार, तिल्ली आदि की खरीफ फसलें 90 प्रतिशत तक नष्ट हो गई हैं, कहीं-कहीं किसानों द्वारा बोवनी की गई सोयाबीन, तुअर की फसलें पूर्णत: गलकर नष्ट हो गई हैं. जनवरी 2011 में पाला से रवि फसलों के हुए नुकसान से किसान पहले ही परेशान था.

खरीफ फसलों की ज्यादा से ज्यादा बोवनी किसानों ने इस आशा के साथ की थी कि पाले से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई कुछ हद तक खरीफ फसलों से की जा सके. रायसेन जिले में आज भी हजारों पाला पीडि़त किसान मुआवजा से वंचित हैं और अति वर्षा से फसलें बरबाद होने से किसान कराह रहा है, बैंक, क्रेडिट कार्ड, को-ऑपरेटिव सहकारी संस्थाओं व साहूकारों के कर्ज से किसान पहले से ही परेशान है. रवि फसलों की बोवनी का सीजन आ गया है. खरीफ फसलें नष्ट होने से किसान खाली हाथ बैठा हुआ है.

ज्ञापन में मांग की गई कि अति वर्षा से बर्बाद हुई खरीफ की फसलों का 7 दिनों में सर्वे कराया जाए और 15 दिनों में मुआवजा बांटा जाए, बैंकों द्वारा किसानों से वसूले जा रहे ऋण तथा पुराने बिजली बिल माफ किए जाएं, रवि फसल की बोवनी के लिए खाद, बीज, बिजली मुफ्त दी जाए, डीजल पर वसूले जाने वाले वेटकर को समाप्त कर सस्ती दर पर डीजल प्रदाय किया जाए.

मुआवजे से वंचित पाला पीडि़त किसानों को 7 दिन में मुआवजा वितरण की मांग शामिल है. ज्ञापन देने वालों में सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी, ऋषिनाथ कुशवाह, हेमन्त नरवरिया, जमशेद सिद्दीकी, मलखान सिंह मीना, अवरार खान, ीाूप सिंह पटेल, जीवन सिंह किरार, राजेश ठाकुर, तिलक सिंह परमार, तैयब अली, चन्द्रभान गंगोलिया, रणधीर लोधी आदि शामिल थे. साथ ही चेतावनी दी गई कि 17 दिवस में सर्वे कराकर मुआवजा वितरण की कार्यवाही शुरू नहीं की गई तो जिला किसान कांग्रेस मजबूर होकर ब्लांक स्तर पर धरना प्रदर्शन करेगा.

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