नई दिल्ली,13 अक्टूबर. अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया भर के गेंदबाजों की धुनाई कर चुके टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को भरोसा है कि उनके साथी खिलाड़ी हरभजन सिंह जल्द ही फार्म में लौटेंगे. पिछले कुछ समय से भज्जी अपनी फार्म हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए हैं.

हरभजन को शुक्रवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाले पहले दो वनडे के लिए टीम में नहीं चुना गया. सहवाग ने कहा कि उन्हें फार्म में वापसी करने के लिए घरेलू सर्किट पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा. सहवाग ने कहा हरभजन एक चैंपियन गेंदबाज है और मुझे इसमें कोई शक नहीं कि वह वापसी कर लेगा. वह नागपुर में चैलेंजर सीरीज में खेल रहा है. उसे घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत करनी होगी. उन्होंने कहा मुझे याद है जब मुझे 2007 में टीम से बाहर किया गया था. मैंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर टीम में वापसी की थी. फार्म में वापसी का सिर्फ यही तरीका है. यह समय का खेल है और हरभजन वापसी कर लेगा. सहवाग अब भी कंधे में लगी चोट से उबर रहे हैं जो उन्हें इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान लगी थी. वह अब वेस्टइंडीज के भारत दौरे के लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी पर निगाहें लगाए हुए हैं. सहवाग ने कंधे की चोट और कान की परेशानी के कारण आराम करने और हैबिलिटेशन के लिए अनुमति लेने से पहले अंतिम दो टेस्ट इंग्लैंड में बर्मिंघम और ओवल में खेले थे. वीरू के मुताबिक मैं ठीक हूं. मैं एनसीए गया और रिहैबिलिटेशन भी ठीक चल रहा है.

भारतीय टीम में उनकी वापसी के बारे में पूछने पर सहवाग ने कहा मैं कोई समय सीमा नहीं रखना चाहता. मैं वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं. अब मेरा लक्ष्य वेस्टइंडीज सीरीज है. सहवाग के कंधे के दो आपरेशन हो चुके हैं और वह बेंगलूर में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिहैबिलिटेशन करा रहे हैं जिससे वह इंग्लैंड में पूरी वनडे सीरीज नहीं खेल सकेंगे. वेस्टइंडीज छह नवंबर से दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में तीन टेस्ट मैच खेलेगी जिसके बाद पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी. सहवाग ने इस बीच पिछले रविवार को हरियाणा के झज्जर जिले के शिलानी केशो गांव में एकीकृत खेल अकादमी खोलने का अपने पिता का सपना पूरा किया. सहवाग ने कहा मैं सभी का इसके लिए शुक्रगुजार हूं कि झज्जर में यह स्कूल खोला गया. मैं हरियाणा के मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मुझे जमीन दिलाई. अब मैं बच्चों को अच्छी सुविधायें और माहौल मुहैया कराना चाहता हूं.

उन्होंने कहा मेरी योजना अपनी टीम के साथियों को आमंत्रित करने की है. जब भी भारतीय टीम दिल्ली में खेलेगी मैं अपने कुछ साथी क्रिकेटरों को अपनी अकादमी में ले जाने की कोशिश करूंगा. वह बच्चों से कुछ बातचीत कर सकते हैं. यह उनके लिए काफी प्रेरणादायी होगा. सहवाग ने हालांकि आईसीसी के शुरू में खुद के विवादास्पद अंपायरों के फैसलों की समीक्षा प्रणाली ख्डीआरएस, को अनिवार्य बनाने के फैसले के यूटर्न के बारे में प्रतिक्रिया करने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा यह फैसला आईसीसी द्वारा लिया गया है. मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा. आईसीसी ने अपनी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में फैसला किया था कि डीआरएस अब अनिवार्य नहीं होगा और इस तरह उसने अपने फैसले पर यूटर्न करते हुए जून से पहले के फैसले को बरकरार रखा जिसमें भाग लेने वाले देशों को द्विपक्षीय तौर पर निर्णय लेना होगा कि वह इस प्रणाली का इस्तेमाल करना चाहते हैं या नहीं.

धोनी को पेचीदा लग रहे हैं नए वनडे नियम

हैदराबाद. टीम इंडिया के कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे क्रिकेट में आईसीसी के नए नियमों को पेचीदा बताते हुए कहा कि दोनों टीमों की ओर से दो नई गेंद के इस्तेमाल के कारण रिवर्स स्विंग हासिल कर पाना मुश्किल होगा. आईसीसी के नए नियमों के तहत दोनों ओर से दो नई गेंद इस्तेमाल में लाई जा सकती हैं जबकि गेंदबाजी और बल्लेबाजी पावरप्ले 16वें से 40वें ओवर के बीच ही लिए जा सकेंगे. उन्होंने कहा कि हमने नए पावरप्ले के तहत कोई मैच नहीं खेले हैं. इसमें नई रणनीति की जरूरत होगी क्योंकि अब पावरप्ले 16वें से 40वें ओवर के बीच ही लिए जा सकेंगे. धोनी ने कहा कि पहले लक्ष्य का पीछा करते समय टीमें आखिरी पांच ओवर में बल्लेबाजी पावरप्ले लेना पसंद करती थीं लेकिन अब हमें रणनीति में बदलाव करने होंगे. जब तक हम इसके आदी होंगेए इसके नतीजे अलग आने लगेंगे.

उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि रिवर्स स्विंग लेना मुश्किल होगा क्योंकि दोनों गेंद अधिकतम 25 ओवर पुरानी ही होंगी. माही के नाम से मशहूर धोनी के अनुसार- स्विंग मिलेगी लेकिन उतनी रिवर्स स्विंग नहीं जितनी उपमहाद्वीप में मिलती है. अब रिवर्स स्विंग भी आउटफील्ड के स्तर और गेंद के इस्तेमाल पर भी निर्भर करती है. इंग्लैंड में शर्मनाक हार से सबक ले चुके धोनी ने कहा कि इंग्लैंड दौरे पर बल्लेबाजों का प्रदर्शन प्रभावी था. यहां गेंदबाजी आक्रमण अलग है और घरेलू हालात में उनके पास अच्छे प्रदर्शन का मौका है. उन्होंने काफी आईपीएल खेला है पर यह अलग सीरीज है.

हरभजन सिंह के बाहर होने के बाद स्पिनर आर अश्विन पर अधिक दबाव के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि यह दबाव नहीं बल्कि उसके लिए मौका है. वह चार साल से चेन्नई सुपरकिंग्स में मेरे साथ है और चुनौतियां लेने से नहीं घबराता है. उसे पहले या दूसरे पावरप्ले में गेंदबाजी से डर नहीं लगता. कैप्टन कूल इस बात को लेकर भी चिंतित नहीं हैं कि टीम में कई जूनियर खिलाड़ी हैं हालांकि उन्होंने कहा कि सीनियरों की कमी खलेगी. धोनी ने कहा कि सीनियर्स की कमी तो खलेगी लेकिन जूनियर खिलाडिय़ों के साथ भी कोई मुश्किल नहीं है. उनके लिए एक मौका है जीत के साथ शुरुआत अहम रहेगी. इस मैदान पर भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मुझे तो यह पता ही नहीं था. धोनी ने इस बात से भी इंकार किया कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज खेलने वाले क्रिकेटर मनोवैज्ञानिक दबाव में होंगे. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में कुछ युवाओं ने अच्छा प्रदर्शन किया. वहां विकेट भी अलग था. हमारे लिए तीनों विभागों में अच्छा प्रदर्शन मायने रखता है.

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