भारत जीत से शुरुआत करने उतरेगा

कटक,28 नवंबर.  टेस्ट शृंखला में 2-0 की शानदार जीत हासिल कर चुकी भारतीय क्रिकेट टीम यहां मंगलवार को विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सेहवाग के नेतृत्व में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच एकदिवसीय की शृंखला के पहले मैच में उतरेगी तो उसका एकमात्र मकसद विस्फोटक जीत के साथ शुरुआत करना होगा.

नियमित कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को विश्राम दिये जाने के बाद सहेवाग को भारतीय टीम की कमान दी गयी है और उनके लिए यह कप्तान के तौर पर अपना रिकॉर्ड सुधारने का अच्छा मौका है. इससे पहले वीरू ने अपनी कप्तानी में खेले सात एकदिवसीय में से चार जीते हैं. गत वर्ष भी साल के अंत में धोनी को विश्राम मिला था और तब उनके जगह कार्यवाहक कप्तान बने गौतम गंभीर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच एकदिवसीय की शृंखला में क्लीन स्वीप की थी. इस वर्ष वेस्टइंडीज दौरे पर धोनी के विश्राम के बाद युवा सुरेश रैना को कप्तानी सौंपी गयी तो वहां भी भारत 3-2 से विजयी रहा. इस तरह सेहवाग के लिए यह भी एक चुनौती रहेगी कि वह अपने इन दोनों युवा साथियों के मुकाबले खुद को कप्तान के तौर पर कितना बेहतर साबित कर पाते हैं. कैरेबियाई टीम इस वर्ष अपनी ही धरती पर भारत से मिली हार को भुला नहीं पायी होगी और इस कारण वह भारत की राह में रोड़े अटकाने की पूरी कोशिश करेगी, लेकिन दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मेजबान पलड़ा ज्यादा भारी मालूम पड़ता है.

भारतीय टीम में धोनी के अलावा अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी विश्राम दिया गया है वहीं ऑलराउंडर युवराज सिंह और ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी टीम से बाहर चल रहे हैं. इस कारण सेहवाग को पूरी तरह युवा टीम का नेतृत्व करना होगा. सेहवाग, गंभीर और पार्थिव पटेल के अलावा केवल मनोज तिवारी ऐसे सदस्य हैं जिनकी उम्र 25 के पार है. हालांकि मनोज का अंतर्राष्ट्रीय अनुभव ही नगण्य है. ऐसे में इस युवा टीम को एकजुट रखना और उससे अपेक्षित परिणाम लेना वाकई चुनौतीपूर्ण काम होगा. हालांकि इनमें से ज्यादातर युवा पिछले एक-दो वर्षों में टीम में अंदर बाहर होते रहे हैं और राष्ट्रीय टीम के अलावा घरेलू टूर्नामेंटों में एक-दूसरे से परिचित रहे हैं. इस कारण आपसी तारतम्य में ज्यादा मुश्किल नहीं आनी चाहिए. टीम कांबिनेशन की बात करें तो भारत का मुख्य दारोमदार उसके बल्लेबाजों पर निर्भर रहेगा. सेहवाग-गंभीर की सलामी जोड़ी हाल के वर्षों में एकदिवसीय मैचों में सबसे सफल रही है, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर बतौर सलामी बल्लेबाज खुद को उपयोगी साबित कर चुके अजिंक्या रहाणे के लिए उपयुक्त क्रम ढूंढना भी जरूरी होगा. पार्थिव भी शीर्ष क्रम में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं और रहाणे के साथ उन्होंने कुछ अच्छी साझीदारियां की हैं, लेकिन सेहवाग, गंभीर की मौजूदगी उन्हें सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी मिलना लगभग नामुमकिन है. इस कारण उनके लिए भी उचित स्थान तलाशना होगा.

मध्यक्रम में विराट कोहली, सुरेश रैना और रवीन्द्र जडेजा तीनों ने ही लगातार बढिय़ा परिणाम दिये हैं. अगर इन तीनों में से किसी एक को बाहर होना पड़ता है तो उस हालात में ही रोहित शर्मा और मनोज तिवारी के नाम पर विचार हो सकता है. हालांकि रोहित शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं, लेकिन उन्हें शीर्षक्रम में रखने पर रहाणे को बाहर करना पड़ सकता है. जडेजा और रैना बतौर ऑलराउंडर लगातार टीम के लिए बेहतर योगदान करते रहे हैं. अंश कालिक गेंदबाजी में रोहित शर्मा और विराट भी कई बार आजमाईश कर चुके हैं, लेकिन जडेजा और रैना के हरफनमौला खेल को देखते हुए उनसे उम्मीदें ज्यादा रहेंगी. गेंदबाजी में बहुत कुछ दारोमदार स्पिन की क्षितिज पर धूमकेतु बनकर उभरे रविचंद्रन अश्विन पर होगा. कैरेबियाई टीम के खिलाफ हाल की टेस्ट शृंखला ने उनसे अपेक्षाएं कई गुणा बढ़ा दी हैं. इस कारण उन पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी. अश्विन का साथ देने के लिए युवा स्पिनर राहुल शर्मा को मौका मिल सकता है जिन्हें अभी अपना पदार्पण एकदिवसीय खेलना है. मेरठ एक्सप्रेस प्रवीण कुमार गेंदबाजी आक्रमण में सबसे अनुभवी खिलाड़ी होंगे. तेज गेंदबाजों में उनका साथ देने के लिए कर्नाटक के आर विनय कुमार भी रहेंगे, लेकिन निगाहें इस बात पर रहेंगी कि तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में उमेश यादव को जगह मिलती है या झारखंड एक्सप्रेस वरुण आरोन टिकट कटा पाते हैं. वेस्टइंडीज टीम टेस्ट शृंखला गंवाकर मनोवैज्ञानिक रूप से पिछड़ चुकी है. अब उसके सामने एकदिवसीय शृंखला जीत कर अपनी प्रतिष्ठा बचाने का एकमात्र विकल्प है और पहले एकदिवसीय में उसके प्रदर्शन से बहुत कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि वह इस दिशा में कहां तक बढ़ पाएगा.

Related Posts: