• कैप भंडारण भी हुआ तेज

भोपाल,24 अप्रैल, समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने के लिये पंजीकृत हो चुके किसान बेझिझक खरीदी केन्द्रों पर पहुँचकर गेहूँ दे रहे हैं. अपने मोबाइल फोन पर उन्हें बाकायदा इसका न्यौता मिल रहा है.

इसके चलते भीड़-भाड़ का उन्हें सामना भी नहीं करना पड़ रहा है. उधर किसानों से खरीदे जा रहे गेहूँ का कैपों में भण्डारण भी शुरू हो गया है. एसएमएस दिखाने से नहीं परहेज- प्रदेश के किसी भी खरीदी केन्द्र पर गेहूँ बेचने आये किसान मोबाइल फोन जरूर साथ ला रहे हैं. इसकी वजह अपने पंजीकृत होने का सबूत दिखाना भी है. भोपाल जिले में भैंसाखेड़ी कृषि उप-मण्डी में तीन खरीदी केन्द्र कायम हैं और इसकी बागडोर सहयोग लीड सहकारी समिति ने संभाल रखी है. यहीं पर पिपलिया धाकड़ ग्राम के किसान दिनेश पालीवाल सोमवार को दो ट्रॉलीयों में 80 क्विंटल गेहूँ बेचने आये थे.

न तो उन्हें अपनी बारी का बहुत इंतजार करना पड़ा और न ही गेहूँ तुलवाने में किसी झंझट का सामना. इस मण्डी परिसर में सभी ट्रेक्टर-ट्रॉलियाँ कतारबद्ध खड़े थे और किसान अनुशासित होकर वहाँ बने विशाल शेडों में रुककर बारी-बारी अपना गेहूँ बेच रहे थे. समिति प्रबंधक नवेद मोहम्मद के मुताबिक इस उप-मण्डी में अब तक 80 हजार क्विंटल गेहूँ खरीदा जा चुका है और इसमें से 78 क्विंटल मात्रा गोदामों तक पहुँचा दी गई है. मण्डी में 14 तौल-काँटे और 146 काम करने वाले उपलब्ध हैं. करीबी एक अन्य गाँव के किसान मेहबूब खाँ ने अपने मोबाइल पर 23 अप्रैल को खरीदी केन्द्र पहुँचने के लिये मिले न्यौते का एसएमएस दिखाया.

तकीपुर कैप में समाया 9,000 मी. टन गेहूं- गेहूँ भण्डारण के हर विकल्प पर समय रहते काम शुरू किया जा चुका है. सीहोर के करीब तकीपुर कैप में अब तक 9 हजार मीट्रिक टन गेहूँ जमा करवाया जा चुका है. तकनीकी और सुरक्षा मानदण्डों के अनुरूप बनाये गये इस पक्के कैप को 10 एकड़ जमीन पर तैयार किया गया है और इसकी कुल भण्डारण क्षमता 27 हजार मीट्रिक टन है. भविष्य की जरूरत देखते हुए यहाँ 8 मीट्रिक टन क्षमता का और विस्तार किया जा रहा है. राज्य भण्डार गृह निगम के इस कैप के प्रभारी संतोष खलको ने बताया कि जल्द ही यहाँ इकठ्ठा गेहूँ की हिफाजत के लिये मल्टीलेयर क्रॉस लेमिनेटेड कव्हर भी पहुँचाये जायेंगे जो गेहूँ के ढेरों को ऊपर और चारों तरफ से ढंँकने में इस्तेमाल किये जायेंगे.

इसी तरह कीट-नाशकों के बतौर सल्फास और मेलाथियान का इस्तेमाल किया जायेगा. यहाँ गेहूँ लेकर पहुँचने वाले ट्रकों की लम्बी कतार जरूर है, पर बहुत ही आसान और सुविधाजनक ढंग से इनका नम्बरवार पहले भरी हुई अवस्था में और फिर इन्हें खाली करवाकर वजन करवाया जाता है. इससे यहाँ जमा गेहूँ का पूरा हिसाब-किताब ऑनलाइन तैयार हो रहा है.

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