नहीं थम रहा सेना कूच का विवाद

सेना पर कीचड़ न उछालें

काठमांडू. सरकार को सूचित किए बिना आगरा और हिसार से सैन्य टुकडिय़ों के दिल्ली की ओर बढऩे की रिपोर्ट को अब खुद सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने बकवास करार दिया है.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकार और सेना के बीच मतभेद की झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं, उनसे से सख्ती से निपटने की जरूरत है. ये लोग सेना पर कीचड़ उछाल रहे हैं.  जनरल सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह से बकवास है.  उन्होंने कहा कि सेना और सरकार के बीच मतभेद की जो कोई भी कहानियां गढऩे की कोशिश कर रहा है वह निंदनीय है. लोग बना वजह सरकार और सेना पर कीचड़ उछालने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है. जनरल सिंह ने ये बातें नेपाल में कहीं. वह नेपाल में 3 दिवसीय सेमीनार में भाग लेने आए हुए हैं.

नई दिल्ली, 5 अप्रैल. सरकार को बताए बिना सैनिक टुकडिय़ों के दिल्ली कूच करने की रिपोर्ट को अब जब सेना और सरकार ने एक सुर में खारिज कर दिया है, तो इस खबर को प्लांट कराने वाले सूत्रधार को लेकर कयासों का बाजार गरम हो गया है. बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड केंद्र सरकार के एक सीनियर मंत्री हैं.

सूत्रों का दावा है कि मंत्री अपने नजदीकी रिश्तेदार के जरिए रक्षा से जुड़े सामानों की खरीद-फरोख्त करने वाली लॉबी से जुड़े हुए हैं. गौरतलब है कि दलालों की लॉबी किसी भी कीमत पर जनरल वी.के. सिंह को आर्मी चीफ के पद से हटवाना चाहती है. एक अन्य अंगे्रजी दैनिक ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि मंत्री को लगा कि तख्तापलट की आशंका से राजनीतिक बिरादरी आर्मी चीफ के खिलाफ हो जाएगी, लेकिन यहीं पर वह आकलन करने में चूक गए. उन्हें लगा था कि आर्मी चीफ से तनावपूर्ण रिश्ते को देखते हुए प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री खबर पर टिप्पणी करने से इनकार कर देंगे. हुआ इसके उलट.

तख्तापलट की आशंका वाली रिपोर्ट को प्रधानमंत्री मनमहोन सिंह और रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी समेत विपक्षी नेताओं ने भी खारिज कर दिया. सूत्रों का कहना है कि मंत्री का नजदीकी रिश्तेदार लगातार हथियारों के सौदागरों और दलालों से अपने विदेश दौरों पर भी मिलता रहा है. सूत्र ने यह भी बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो को पूरे मामले की भनक तक नहीं है, क्योंकि जो प्रभावशाली शख्स सवालों के घेर में है उसपर खुफिया एजेंसियां नजर नहीं रखती हैं. हथियारों के सौदागरों का जाल काफी फैला हुआ है. जिन प्रभावशाली हस्तियों से उन्हें काम लेना होता है उन्हें दुबई, बैंकॉक और लंदन में हर तरह से उपकृत करते हैं.

मेरा दिमाग नहीं फिरा है : एंटनी

विशाखापतनम, 5 अप्रैल. देश के राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले आगामी चुनाव के संदर्भ में बुधवार को जब रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी से पूछा गया कि क्या वह भी उम्मीदवारी की दौड़ में हैं तो उन्होंने कहा कि मेरा दिमाग फिरा नहीं है. मैं एक यथार्थवादी हूं और मैं अपनी सीमाएं जानता हूं. महत्वाकांक्षा की एक सीमा होती है…यह पागलपन है.

आन्दोलन सेना प्रमुख को भी आमंत्रित करेंगे रामदेव

पटना.  योग गुरु बाबा रामदेव ने गुरुवार को कहा कि 3 जून को नई दिल्ली में होने वाले उनके आंदोलन में सेना प्रमुख वी.के.सिंह को भी आमंत्रित करेंगे और समाजसेवी अन्ना हजारे भी उनके साथ होंगे.

पतंजलि के उत्पादों की बिहार में लॉन्चिंग के मौके पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए रामदेव ने कहा, जनरल सिंह सेना प्रमुख का पद संभालने से पहले अपने परिवार और मित्रों के साथ योगपीठ में मुझसे मिलने आए थे और तभी से वह हमसे बहुत गहरे रूप से जुड़े हुए हैं. सेनाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त होने के बाद हम उन्हें भी अपने आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे. उन्होंने कहा कि उनके साथ-साथ देश में जन-आंदोलन चलाने वाले जितने व्यक्ति और संगठन है उन्हें भी वह आमंत्रित करेंगे क्योंकि यह केवल उनका आंदोलन नहीं बल्कि यह देश का आंदोलन है. विदेशों में जमा कालाधन को देश में वापस लाने, भ्रष्टचार मुक्त भारत बनाने और भ्रष्ट व्यवस्था बदलने का आंदोलन है. रामदेव ने कहा कि इस बार बहुत बड़ा इतिहास रचा जाएगा क्योंकि दुनिया के सभी महापुरूष समान रूप से इस बात पर सहमत हैं कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है.

Related Posts: