बुजुर्गों की देखभाल और भरण-पोषण न करने पर 10 हजार तक का भरण-पोषण भत्ता  देना पड़ेगा

भोपाल,11 अप्रैल,नभासं.मुख्यमंत्री निवास पर आज सम्पन्न वरिष्ठजन पंचायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जन्म देने वाले माता-पिता की सेवा और भरण-पोषण, उनकी संतानों का पुनीत कर्त्तव्य है. वृद्धावस्था में बुजुर्गों की देखभाल और भरण-पोषण न करने पर अब सख्त कार्यवाही होगी. इस कानून में 10 हजार रुपये तक का भरण-पोषण भत्ता बुजुर्गों को देना पड़ सकता है, वहीं 3 माह तक के कारावास की सजा भी हो सकती है.

उल्लेखनीय है कि बुजुर्गों को तिरस्कार से बचाने और उनकी हिफ़ाजत के मक़सद से केन्द्र ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 बनाया है. अधिनियम को प्रदेश में 23 अगस्त, 2008 से लागू किया गया है. इस कानून की मदद से ऐसे अभिभावक और वरिष्ठ नागरिक, जो अपनी आय या सम्पत्ति की आय से अपना भरण-पोषण करने के काबिल नहीं हैं, वे अपने वयस्क बच्चों अथवा संबंधियों से भरण-पोषण का हक ले सकते हैं. अब यह कानून म.प्र. माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियम-2009 के रूप में लागू है.

इस अधिनियम के तहत जिले में उपखण्डों में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में भरण-पोषण अधिकरण तथा समस्त जिलों में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में अपील अधिकरण गठित है. अधिकरण द्वारा वृद्धजन के मासिक भरण-पोषण के लिये अधिकतम दस हजार रुपये तक देने का आदेश दिया जा सकता है. वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा और परित्याग एक संज्ञेय अपराध माना गया है. इसके लिये पाँच हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन माह की सजा या दोनों दण्ड एक साथ हो सकते हैं.

अधिकरण और अपीलीय अधिकरण में सहयोग के लिये सामाजिक न्याय विभाग के समस्त जिला अधिकारी इस अधिकरण के तहत भरण-पोषण अधिकारी के रूप में पदाविहित हैं और उनकी सम्पत्ति की सुरक्षा के लिये पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार बनाये गये हैं. तीर्थयात्री योजना के क्रियान्वयन के लिये धर्मस्व विभाग नोडल विभाग रहेगा. योजना को इसी वित्तीय वर्ष से लागू कर दिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में बेसहारा बुर्जुगों के लिये वृद्धाश्रम बनाये जायेंगे. बड़े शहरों में पब्लिक-प्रायवेट पार्टनरशिप के आधार पर वृद्धाश्रम स्थापित करने के नियम बनेंगे. बुर्जुगों की सेवा के लिये प्रशिक्षण का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जायेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों की सेवाओं के सम्मान के लिये एक दिन वरिष्ठ नागरिक दिवस के रूप में मनाया जायेगा. वृद्धजन की देख-रेख के लिये पहले चरण में शहरी क्षेत्र में डे केयर सेंटर स्थापित किये जायेंगे.

अगले चरण में इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थापित किया जायेगा. माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन करवाया जायेगा. इस अधिनियम के प्रावधानों के उल्लघंन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. अधिनियम के तहत जिलों में एस.डी.एम. की अध्यक्षता में गठित समिति को और अधिक शक्तिशाली बनाया जायेगा. ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे बुजुर्ग जिनकी देखभाल करने वाला कोई न हो उनके लिये भोजन व्यवस्था और अंत्योदय राशन कार्ड देने की योजना भी बनाई जायेगी. पेंशनरों की देखभाल और इलाज की पुख्ता व्यवस्था की जायेगी. पेंशनरों की समस्याओं के निराकरण के लिये अलग से व्यवस्था की जायेगी. शासकीय अनुदान प्राप्त वृद्धाश्रमों के लिये दीनदयाल उपचार योजना और राज्य बीमारी सहायता निधि लागू होगी. वृद्धाश्रम में रहने वालों को भी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जायेगा.

प्रमुख धार्मिक-स्थलों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिये रैन बसेरे की व्यवस्था की जायेगी. शहरी क्षेत्र में अकेले रहने वाले वृद्धजन की सुरक्षा व्यवस्था के लिये अलग से नीति बनाई जायेगी. वृद्धावस्था पेंशन के तहत दी जाने वाली राशि को बढ़ाया जायेगा. चौहान ने कहा कि वृद्धजन के अनुभव और ज्ञान का लाभ समाज के हित में लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि समाज में नशाबंदी, शिक्षा के प्रसार और बेटियों को बचाने के लिये वृद्धजन जागरूकता लायें. वे निर्माण कार्यों पर नजऱ रखें और भ्रष्टाचार की जानकारी मिलने पर सूचना दें. उन्होंने कहा कि जो वृद्धजन समाज सेवा का कार्य करना चाहते हैं उनके लिये योजना बनाई जायेगी. वृद्धजन पंचायत में प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जायेगा. पंचायत एवं सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि वृद्धजन पंचायत के माध्यम से एक अनूठा प्रयोग प्रदेश में किया गया है

झलकियाँ

 

  • मुख्यमंत्री ने बेटे-बेटियां भले ही तीर्थ न करवायें, सरकार बनेगी श्रवण कुमार
  • सीएम ने वरिष्ठजनों का अभिवादन कर आशीर्वाद लिया
  • मुख्यमंत्री ने कहा बुजुर्गों का आशीर्वाद हमारा सम्बल है
  • मुख्यमंत्री पंडाल में हर उस जगह गये जहाँ वरिष्ठजन बैठे थे
  •  सीएम ने अपने हाथों से खाना परोसा तथा
  • अनेक बुजुर्गों को अपने हाथों से शिवराज ने मीठा खिलाया
  • वरिष्ठजनों को दुपट्टा तथा हार पहनाकर और पुष्प वर्षा कर सम्मानित किया गया
  • स्वास्थ्य परीक्षण के लिये विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया
  • बुजुर्गों का कहना था ऐसी पंचायत बुलाकर मुख्यमंत्री ने पुण्य का कार्य किया है
  •  भव्य मंच पर वरिष्ठजन के प्रतिनिधि के रूप में वृद्ध लोगों को बैठाया गया
  • बुजुर्ग कवियों ने कविता के माध्यम से समस्या प्रस्तुत की
  • मूक-बधिर बालिका योगिता ने नृत्य प्रस्तुत किया
  • जवाहर बाल भवन की बच्चियों ने बेटी बचाओ लघु नृत्य नाटिका प्रस्तुत की
  • शंख बजाकर  दोनों हाथ उठाकर मुख्यमंत्री बुजुर्गों ने साधुवाद दिया
  • मध्यप्रदेश गान की पंक्तियाँ गाई गईं

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