कोलकाता, 20 सितंबर. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र से समर्थन वापसी के ऐलान के एक दिन बाद बुधवार को यूपीए सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए कहा कि वह अपनी मांगों पर कोई समझौता नहीं करेंगी। दीदी ने कहा है कि वे उन मुद्दों पर कोई समझौता नहीं कर सकतीं, जिनका असर आम आदमी पर पड़ता हो।

समर्थन वापसी का फैसला कर ममता ने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। अगर सरकार उनके दबाव में आ कर कीमतों में कुछ कटौती का फैसला करती है, तब भी ममता की छवि निखरेगी और अगर नहीं तो यूपीए से नाता तोड़ कर ममता जता सकती हैं कि वे आम लोगों के हित में कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। ममता ने कहा कि मैं अपने रुख पर कायम हूं। अब अगर केंद्र ने अपने फैसलों को नहीं बदला तो तृणमूल कांग्रेस के मंत्री शुक्रवार को इस्तीफा दे देंगे।

वैसे, दिलचस्प यह है कि ममता ने जिन मुद्दों पर यूपीए से नाता तोडऩे का ऐलान किया है उन्हीं मुद्दों पर बृहस्पतिवार को एनडीए और वाममोर्चा के बंद का उनकी सरकार ने विरोध करने का फैसला किया है। ममता सरकार ने सभी कर्मचारियों से दफ्तर आने को कहा है। उसने साफ कर दिया है कि बृहस्पतिवार को किसी को कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। सरकार ने बंद के दौरान जनजीवन सामान्य रखने के लिए भी कदम उठाए हैं। इससे पहले ममता ने फेसबुक पर अपने अकाउंट में लिखा कि मैंने जनहित में जो भी फैसला किया है, उस पर कायम हूं। उन्होंने सरकार पर संसद में किए वादे से मुकरने का भी आरोप लगाया।

ममता ने मंगलवार को सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की तादाद साल में 12 करने की बात कही थी, लेकिन बुधवार को उन्होंने इसे सुधारा और कहा कि साल में ऐसे कम से कम 24 सिलेंडरों की आपूर्ति की जानी चाहिए। उन्होंने यूपीए सरकार से अपनी तीन मांगों में कहा है कि सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या छह से बढ़ा कर 24 की जाए, डीजल की कीमत में तीन से चार रुपये की कटौती की जाए और खुदरा कारोबार में विदेशी निवेश का फैसला वापस हो। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि हम यूपीए सरकार गिराने का कलंक अपने सिर पर नहीं लेना चाहते। हमने केंद्र को अपनी शर्तें बता दी हैं। अब यह कांग्रेस पर निर्भर है कि वह यूपीए गठजोड़ और सरकार बनाए रखने के प्रति कितनी गंभीर है।

तृणमूल कांग्रेस के मंत्री आज देंगे इस्तीफा

तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को शुक्रवार को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए उनसे मुलाकात का समय मांगा है। रेल मंत्री मुकुल राय ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री से शुक्रवार अपराह्न तीन बजे मुलाकात का समय मांगा गया है और सभी मंत्री शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे और अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

किसी भी तरह के समझौते से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने खुदरा कारोबार में एफडीआई की अनुमति, डीजल के मूल्य में वृद्धि और एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित करने के खिलाफ सरकार से समर्थन वापस लेने और मंत्रियों को हटाने के पार्टी के रुख की पहले ही घोषणा कर दी है। एक सवाल के जवाब में राय ने इस बात का खंडन किया कि प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने उन्हें फोन कर ममता को इन मुद्दों पर आगे बढऩे के सरकार के फैसले के बारे में सूचित करने को कहा था। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व वित्त मंत्री और लोकसभा में नेता प्रणब मुखर्जी ने सदन में घोषणा की थी कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में तब तक एफडीआई की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक राजनैतिक आम सहमति नहीं बनती

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