बजट की विपक्षी सदस्यों ने गिनाईं खामियां, आय बढ़ाने के बताए स्रोत

भोपाल, 30 मार्च, नभासं. नगर निगम परिषद की बैठक में दूसरे दिन शुक्रवार को बजट को लेकर चर्चा रात्रि तक चलती रही.

इस चर्चा के दौरान जहां विपक्षी सदस्यों ने बजट की खामियां गिनाते हुये बजट का पुरजोर विरोध किया साथ ही पार्षद निधि 5 लाख करने के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुये उक्त निधि कम से कम 25 लाख करने के प्रति महापौर से गुहार लगाते रहे. वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के सभी सदस्य विपक्षी सदस्यों की बात चुप्पी और मीठी मुस्कान के साथ सुनते नजर आये, जिसके पीछे मुख्य कारण माना जा रहा है कि कहीं न कहीं सत्ता पक्ष का अंदरूनी समर्थन विपक्षी सदस्यों को है. इसके अलावा बैठक में अवैध होर्डिंग के मामले को लेकर काफी गहमागहमी का माहौल होने के साथ दोंनों पक्षों के बीच तीखी नोंक-झोंक भी हुई.

पार्षद गिरिश शर्मा ने बजट पर चर्चा करते हुये कहा कि विभिन्न मदों का मूल्यांकन सभी सदस्यों ने किया है, जिसमें उक्त बजट से वह संतुष्ट नहीं हैं. क्योंकि बजट में मात्र व्यय, अनिवार्य व्यय और आय और व्यय के अंतर को दर्शाया गया है जो कि कहीं न कहीं यह वास्तविक आय नहीं है. शर्मा ने कहा कि मौजूदा दौर में निगम को एक नई विज्ञापन नीति की जरूरत है. शहर भर में होर्डिंग खरपतवार की तरह से लगे हुये हैं जिनकी संख्या करीब 10 से 11 हजार तक है. इस होर्डिंग व्यवसाय से व्यवसाईयों को जितना लाभ हो रहा है उतनी राजस्व हानि निगम को उठानी पड़ रही है. उन्होंने बताया कि 1057 होर्डिंग के मामले विगत 7-8 वर्षों से न्यायालय में लंबित हैं जिनका निराकरण कराने में निगम सफल नहीं हो सका है. इसलिये इस मामले में एक लीगल सेल कमेटी का गठन किया जाना चाहिये.

शर्मा ने महाराणा प्रताप नगर जोन का भौतिक सत्यापन कराने की बात पर काफी जोर देते हुये कहा कि अगर सत्यापन कार्य शीघ्र पूर्ण करवा लिया गया तो निश्चित ही निगम की आय में बढ़ोतरी होगी. इस चर्चा के दौरान एमआईसी सदस्य आशाराम पर नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया. होर्डिंग लगवाने में उनकी जोन प्रभारी से सांठगांठ है. साथ ही कहा कि दो साल पहले तेवर आशाराम के कुछ और थे अब वह बदले नजर आ रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर ने विशेष रूप से बताया कि शहर में कई अवैध होर्डिंग लगे हैं जिनके खिलाफ निगम कार्यवाही नहीं कर पा रही है. देखने की बात यह कि उक्त होर्डिंग किन लालफीता शाहियों व नेताओं के हैं. इसके अलावा एक ही नंबर के चार होर्डिंग लगे हैं. पार्षद गिरीश शर्मा ने सदन में महापौर और अध्यक्ष का ध्यानाकर्षण कराते हुये कहा कि एक जांच कमेटी होर्डिंग के मामले हेतु गठित होनी चाहिये. जिसमें अध्यक्ष महापौर, आयुक्त अध्यक्ष मिश्रा, एमआईसी सदस्यों तथा पार्षदों सहित निगम अधिकारियों को रखा जाये.

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुये माहिरा खान ने बताया कि मंत्री बाबूलाल गौर ने पॉलीटेक्निक चौराहे को नो होर्डिंग जोन घोषित किया था. इसके बावजूद भी यहां होर्डिंग लगे हैं. सदस्यों के विचार सुनकर अंत में अध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने आसंदी से निर्देश दिये कि एक कमेटी का गठन करा दिया जायेगा. इसके अलावा परिषद की अगली बैठक में होर्डिंग सहित टॉवर मामले की जांच रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जायेगी. उन्होंने कहा कि अगर उक्त जांच-पड़ताल रिपोर्ट में कोई अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाया गये उनके विरुद्घ निश्चित कार्यवाही होगी.

मीडिया कर्मियों ने किया बहिष्कार
बजट की चर्चा में रात्रि को अधिक समय होने पर मीडिया कर्मियों ने अपनी व्यथा बताते हुये अध्यक्ष कैलाश मिश्रा से आग्रह किया कि अब चर्चा शीघ्र समाप्त कर बैठक की अगली तिथि तय करते हुये स्थगित करने की घोषणा कर दें. इसके अलावा एमआईसी सदस्य कृष्ण मोहन सोनी ने हस्तक्षेप करते हुये कहा कि आज सप्तमी है इसलिये बैठक शीघ्र समाप्त करें और क्योंकि शनिवार को अष्टमी है तो अगली बैठक तिथि दो अप्रैल तय कर दें. परंतु अध्यक्ष मिश्रा ने हठधर्मिता का रवैया अपनाते हुये बैठक में चर्चा का दौर जारी रखा. इस बात से वहां उपस्थित सभी मीडिया कर्मियों ने चर्चा का बहिष्कार करते हुये सदन के बाहर निकल गये.

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