मुंबई। मुंबई क्रिकेट असोसिएशन (एमसीए) ने बॉलिवुड ऐक्टर शाहरुख खान के वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर पांच साल का बैन लगा दिया है। शाहरुख एक दर्शक के तौर पर भी स्टेडियम में नहीं घुस पाएंगे। उधर, बीसीसीआई शाहरुख के बचाव में उतरता दिख रहा है। बीसीसीआई के वाइस प्रेजिडेंट राजीव शुक्ला ने कहा कि इस बारे में आखिरी फैसला बीसीसीआई लेगा।

शाहरुख को बैन करने का फैसला शुक्रवार सुबह एमसीए की मैनेजिंग कमिटी की इमर्जेंसी मीटिंग में एकराय से किया गया। बैठक की अध्यक्षता करने वाले एमसीए  अध्यक्ष विलासराव देशमुख ने कहा कि एमसीए  ने यह संदेश दिया है कि किसी तरह की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, यदि नियमों को तोड़ा जाएगा तो कार्रवाई होगी। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि नियम तोडऩे वाला कौन है। यह सभी के लिए संदेश है कि बदसलूकी करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

शाहरुख ने हालांकि इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उन्होंने आपा तब खोया जब उनके बच्चों के साथ सिक्युरिटी गार्ड्स ने बदसलूकी की। देशमुख ने कहा, मान्यता पत्र के बिना वह मैदान के भीतर कैसे जा सकते थे। यदि मुझे भी पुरस्कार वितरण समारोह में बुलाया नहीं गया हो तो मैं भी भीतर नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘हमने उन पर पांच साल का बैन लगाया है और यह फैसला एकराय से लिया गया। यह वानखड़े पर होने वाले सभी मैचों पर लागू होगा। चाहे वे घरेलू हों या इंटरनैशनल। यह पूछने पर कि क्या बीसीसीआई यह फैसला बदल सकता है, देशमुख ने कहा, हमने अपने संघ की गरिमा को बचाने के लिए यह फैसला लिया है।

बीसीसीआई को सबकुछ बता दिया गया है। बीसीसीआई के फैसले पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। हम स्वतंत्र संस्था है और वानखेड़े स्टेडियम हमारी प्रॉपर्टी है। देशमुख ने कहा कि एमसीए  के कई अधिकारी उस समय मौजूद थे और उन सभी ने शाहरुख के बर्ताव की निंदा की है। इससे ज्यादा कोई सबूत नहीं चाहिए कि शाहरुख ने बदसलूकी की थी। पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर भी मौजूद थे, जिन्होंने कहा कि शाहरुख नशे में धुत थे। यह पूछने पर कि बैन वापस लेने की गुंजाइश है, उन्होंने कहा, ‘इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। शाहरुख ने माफी नहीं मांगी है। उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है। बीसीसीआई, एमसीए या आईपीएल इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं कर सकते। अब पुलिस ही मामले पर कार्रवाई करेगी।’

बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने कहा कि एमसीए की शिकायत बोर्ड को मिली है। उन्होंने कहा, ‘हम इस पर गौर करेंगे। इसके अलावा ऐसे उपाय किए जाएंगे कि अगली बार से आईपीएल में ऐसी घटनाएं ना हों।’ बीसीसीआई के वाइस प्रेजिडेंट और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने हालांकि कहा कि अंतिम फैसला बीसीसीआई लेगी। उन्होंने कहा, ‘प्रादेशिक इकाइयां खाली सुझाव दे सकती हैं, लेकिन अंतिम फैसला बीसीसीआई को लेना है। जब मामला बोर्ड के सामने आएगा, तभी फैसला लिया जाएगा।’

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