राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि,उमड़ा जनसैलाब

आदित्य सिंह
Chief Minister Shivraj Singh Chouhan offering a garland at the martyr’s pyre in Dadhiya village on Thursdayसीधी 10 जनवरी. सेना के शहीद लांस नायक सुधाकर सिंह बाघेल की आज उनके गृहग्राम डढिय़ा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतेष्ठि की गयी.

अंतेष्टि स्थल पर आने से पूर्व शहीद के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर की शव यात्रा पूरे गांव में निकाली गयी. मौके पर उपस्थित सेना के जवानों ने शस्त्र झुकाकर अपने शहीद जवान को अंतिम विदाई दी. शहीद के सम्मान में सेना के जवानों ने फायरिंग कर गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया. ठीक 12 बजे बड़े भ्राता सतेन्द्रसिंह बाघेल ने शहीद को मुखाग्रि दी. वहां उपस्थित जनसैलाब की भी आंखें नम हो गयीं. परिजनों के करुण क्रंदन से समूचा माहौल गमगीन रहा. डढिय़ा पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने भी शहीद को नमन् कर श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने शहीद के पार्थिव शरीर को परिजनों के साथ कंधा दिया. इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शोक संतप्त परिजनों से मिले एवं उन्हें ढाढ़स बंधाया.

बचपन से थी देश सेवा की ललक

Sudhakar Antesthi.jpg.........नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने इस अवसर पर कहा कि सीधी जिले का गौरव सपूत तथा चुरहट विधानसभा क्षेत्र डढिय़ा के हमारे परिवार के लड़के सुधाकर सिंह की बार्डर में हुई मौत पर पूरे क्षेत्र की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.श्री राहुल ने कहा कि परिवारजनों के अनुसार सुधाकर में बचपन से ही देश सेवा के लिये फौज में नौकरी करने की ललक थी.

15 लाख की सम्मान निधि

शहीद परिवार को मिलेगी 15 लाख की सम्माननिधि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर शहीद के परिवार को 15 लाख सम्मान निधि देने एवं शहीद की पत्नी दुर्गा सिंह को प्रदेश में जहां चाहे शासकीय सेवा में स्थान सुरक्षित है तथा प्रदेश में जहां उपयुक्त समझे आवासीय भू-खण्ड देने और डढिय़ा गांव में शहीद स्मारक निर्माण कराने की घोषणा की.

जांच का प्रस्ताव ठुकराया

भारत ने पाकिस्तान के उस सुझाव को ठुकरा दिया है जिसमें भारतीय सैनिकों की पाक सैनिकों द्वारा की गई निर्मम हत्या मामले की जांच संयुक्त राष्ट्र द्वारा कराने का प्रस्ताव किया गया है। इस बारे में कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि हम पाकिस्तान के सुझाव को पूरी तरह से खारिज करते हैं।

उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में नहीं ले जाएंगे क्योंकि हम मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण नहीं करना चाहते। चिदंबरम ने कहा कि यह एक बर्बर वारदात है जिसमें भारतीय जवान की हत्या कर उसके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मामले से संबंधित कैबिनेट कमेटी को नियंत्रण रेखा के पास हुई घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। हमारी रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना ने 2003 से ही कभी संघर्षविराम का उल्लंघन नहीं किया है।

पाक की नापाक हरकत

सीधी.  प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज म.प्र.के सीधी जिले के डढिय़ा गांव में शहीद सुधाकर सिंह के अंतिम विदाई में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि डढिय़ा गांव, प्रदेश एवं देश के ऐसे सपूत जिसने भारत मां की रक्षा के लिये बलिदान दिया है उसके चरणों में नमन् कर श्रद्धांजलि देता हूं.

उपस्थित जनों द्वारा जब पाक मुर्दाबाद के नारे लगाये जा रहे थे तो मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के दिलों में गुस्सा है. आखिर यह कब तक चलता रहेगा और अपने देश के जवान अपना बलिदान देते रहेंगे. केन्द्र सरकार को देश की भावनाओं को समझकर कोई ठोस कदम उठाना चाहिए. यदि इजराइल या अन्य देशों में ऐसी घटना होती तो अभी तक जबावी कार्रवाई हो गयी होती.  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक संतप्त परिजनों से मिलने के बाद उन्हें भरोसा दिलाया कि अपने प्रदेश का सुधाकर सिंह बाघेल शहीद बेटा है इसलिये प्रदेश सरकार कोई कमी नहीं आने देगी. आगे भी उनके लिये प्रदेश सरकार के द्वार खुले रहेगे.

हमले के पीछे हाफिज

पाकिस्तान के बहिश्याना हमले में शहीद दो भारतीय सैनिकों के मामले में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने लश्कर ए तैयबा मुखिया का जिक्र किया है. शिंदे ने कहा कि खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक लश्कर ए तैयबा का संस्थापक हाफिज सईद पाक अधिकृत कश्मीर में मौजूद था. एलओसी पर हाफिज़ का देखा जाना इस बात की पुष्टि करता है कि भारतीय सीमा में घुसकर सैनिकों पर पाक सेना का जो हमला हुआ उसके पीछे लश्कर का हाथ था.  प्राप्त ख़बर के अनुसार हाफिज़ लश्कर की बॉर्डर एक्शन टीम को उकसाने का काम कर रहा था.

पाकिस्तानी सैनिकों ने फिर की फायरिंग

पुंछ के कृष्णा घाटी इलाके में पाकिस्तान की ओर से फिर फायरिंग की खबर है. पाकिसतान की ओर से भारतीय पोस्ट पर निशाना बना गया. भारत की ओर से भी जवाबी फायरिंग की जा रही है. दोनों ओर से फायरिंग अब भी   जारी है.

उल्लेखनीय है कि पाक सैनिकों ने मंगलवार 8 जनवरी की सुबह कोहरे का फायदा उठाकर भारत के दो सैनिकों लांस नायक हेमराज सिंह और लांस नायक सुधाकर सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी थी. पाक सैनिक दरिंदगी की हदें लांघते हुए हेमराज का सिर साथ ले गए थे. सूत्रों के हवाले से प्राप्त ख़बर के अनुसार हाफिज़ लश्कर की बॉर्डर एक्शन टीम को उकसाने का काम कर रहा था. लश्कर की इस टीम को बॉर्डर एक्शन टीम कहते हैं. इस टीम का मकसद एलओसी के पास अपनी गतिविधियां बढ़ाना है.

यह टीम पाकिस्तानी सेना की मदद भी करती है. सूत्र बताते हैं कि बॉर्डर एक्शन टीम पाकिस्तान रेंजर्स के साथ मिलकर काम करती है. कई बार तो इसमें पाकिस्तान सैनिक भी शामिल होते हैं. इतना ही नहीं बॉर्डर एक्शन टीम को ट्रेनिंग भी देती है. सूत्रों का कहना है कि बॉर्डर एक्शन टीम के 200 से 250 लोग हर वक्त सीमा पर पाकिस्तान सेना के साथ रहते हैं और उसकी मदद करते हैं. मालूम हो कि हाल ही में पाकिस्तान ने कई बार सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें की हैं. मेंढर में भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद से 772 किलोमीटर की नियंत्रण रेखा पर हाई अलर्ट है. भारत और पाकिस्तान ने नवंबर 2003 में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम लागू किया था.

हेमराज को 5 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

मथुरा. जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान सीमा पर शहीद हुए मथुरा के लांसनायक हेमराज सिंह का देर रात यहां अंतिम संस्कार कर दिया गया।

गौर हो कि कि इस घटना में शहीद हुए दो भारतीय सैनिकों में से एक उत्तरप्रदेश के मथुरा जनपद के हरियाणा से सटे गांव शेरनगर-खरार का रहने वाला था । उसका पार्थिव शरीर रात करीब आठ बजे यहां पहुंचा। गांव में हजारों लोगों की उपस्थिति में उनके पांच वर्षीय पुत्र प्रिंस ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर सेना,पुलिस व प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।

जश्न मना रही थी पाक सेना

पाक सैनिकों ने हैवानियत को अंजाम देने के बाद जश्न मनाया था तथा एक-दूसरे को बधाई दी थी। भारतीय खुफिया विभाग द्वारा इस घटना के तुरंत बाद पाकिस्तानी सैनिकों के बीच हुई बातचीत को इंटरसेप्ट करने पर इस बात की जानकारी मिली। इस घटना के पीछे लश्कर का हाथ माना जा रहा है. हफ्ते पहले ही लश्कर एलओसी का दौरा किया था।

Related Posts: