अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर जताई चिन्ता

भोपाल, 29 दिसंबर, नभासं. शहर नवाब की शरीके हयात शर्मिला टैगोर गुरुवार सुबह 11.30 बजे भोपाल टॉकीज स्थित बड़ा बाग कब्रिस्तान पहुंची.

उल्लेखनीय है कि यहां शाही कब्रिस्तान सिर्फ नवाब खानदान के लोगों के लिये बनाया गया था. इसके अलावा यहां की अधिकतर कब्रें नवाबी खानदान के दिवंगतों की हैं. बेगम शर्मिला टैगोर उक्त कब्रिस्तान का औकाफे शाही के पदाधिकारियों के साथ मौका मुआयना करने आईं. बेगम ने कब्रिस्तान के आसपास फैली गंदगी पर आपत्ति जताते हुये नाराजगी व्यक्त की. साथ ही यहां अवैध अतिक्रमण एवं कब्जों के प्रति चिंता भी जताई और औकाफे शाही को अतिक्रमण और कब्जों के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश दिया. स्मरण हो कि इस शाही कब्रिस्तान की कुछ भूमि को लेकर औकाफे शाही और जिला प्रशासन के बीच न्यायालय में प्रकरण लंबित है.

पटौदी के निधन के बाद दोनों बहनों में आया बदलाव
भोपाल नवाब मंसूर अली खां पटौदी की मौत के बाद पहली मर्तबा अहमदाबाद के शाही फ्लेग स्टाफ हाउस में चहल-पहल दिखाई दी. पटौदी के निधन का अवसाद उनके चेहरों पर स्पष्टï झलकता है. वह परिवार की अरबों की सम्पत्ति के विवाद से काफी परेशान भी नजर आईं. महल के सूत्रों की मानें तो उक्त संपत्ति और जायदाद के इस विवाद के आउट ऑफ कोर्ट सेटल होने के आसार बढ़ गये हैं. वहीं नवाब पटौदी के काल में ही फ्लेग स्टाफ हाउस, चिकलोद कोठी सहित सैकड़ों एकड़ जमीन को लेकर शाही परिवार के बीच विवाद चल रहा था. इस दौरान नवाब पटौदी के एक भतीजे ने स्टाफ हाउस के हिस्से में रहना भी शुरू कर दिया था. लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में बनी यह संपत्ति अरबों रुपये में आंकी जाती है. यहां गुरुवार को शर्मिला टैगोर, नवाब पटौदी की बहन सबा सुल्तान और सबीहा सुल्तान के साथ ही हैदराबाद निजाम अर्जुमंद खान के अलावा कुछ पारिवारिक मित्रों और परिजनों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर बंद कमरे में चर्चा की जायेगी. इधर भाई नवाब पटौदी की मौत के बाद दोनों बहनों के विचार में बदलाव आ गया. दोनों ही अब नहीं चाहती है कि उन्हें संपत्ति के लिये अदालत में भटकना पड़े.

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