नई दिल्ली, 15 जनवरी. यूपीए के प्रमुख सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस के लोकपाल बिल को लेकर केंद्र से तल्ख हुए संबंध अभी सामान्य भी नहीं हुए हैं कि ममता बनर्जी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राज्य को ‘ए’ ग्रेड के चावल दिए जाने की मांग रखकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है. ममता ने केंद्र से कहा है कि पश्चिम बंगाल को सिर्फ छत्तीसगढ़ का ही चावल चाहिए.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इस संबंध में खाद्य एवं सार्वजनिक मंत्रालय को चिठ्टी लिखी है. हालांकि मंत्रालय ने ममता की इस मांग को मानने से यह कहकर इनकार कर दिया है कि किसी को भी राज्य विशेष के चावल की आपूर्ति करना उसके लिए संभव नहीं है. खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रो. केवी थॉमस ने बताया कि पीडीएस के जरिए केंद्र की ओर से दिए जाने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर पश्चिम बंगाल ने सवाल खड़े किए हैं. राज्य ने पत्र लिखकर सूचित किया है कि उसे आपूर्ति किए जा रहे चावल की किस्म ‘सी’ ग्रेड की है, जबकि उसकी मांग ‘ए’ ग्रेड की है. पत्र में ‘ए’ ग्रेड चावल के लिए भी सिर्फ छत्तीसगढ़ का ही जिक्र किया गया है. यानी पश्चिम बंगाल को पीडीएस के चावल में सिर्फ छत्तीसगढ़ में पैदा होने वाला चावल ही चाहिए, जो संभव नहीं है.

पीडीएस में वितरण के लिए राज्य को दें ‘ए’ ग्रेड का चावल

थॉमस के मुताबिक पीडीएस के साथ ही खुले बाजार में बिक्री योजना के तहत राज्यों को वही चावल दिया जाता है जो एफसीआई के पास मौजूद होता है. एफसीआई खरीद सीजन के दौरान राज्यों से जिस धान व चावल की खरीद करता है, ज्यादातर वही चावल उस राज्य को दिया जाता है. चूंकि पश्चिम बंगाल में चावल की खरीद नाममात्र की ही होती है. लिहाजा एफसीआई के पास जो भी चावल उपलब्ध होता है, उसी की आपूर्ति की जाती है. इसमें आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चावल शामिल हैं.

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