प्रधानमंत्री से मिलकर महंगाई पर विरोध जताएंगे तृणमूल के सांसद

नई दिल्ली, 7 नवंबर. पेट्रोल की कीमत में हाल में हुई बढ़ोतरी को लेकर सरकार से नाराज कांग्रेस की सहयोगी तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को अभी ठंडे बस्ते में नहीं डाला है बल्कि पार्टी के सांसद अब सीधे प्रधानमंत्री से मिलकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इसके अलावा पार्टी के कोटे से केंद्र सरकार में मंत्रियों ने तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस के यूपीए को समर्थन वापस लेने की भी आशंका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री और लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद हम 9 नवंबर को वापस कोलकाता जाएंगे और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को रिपोर्ट देंगे और वही अंतिम फैसला करेंगी। मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय को चि_ी भेजकर 8 नवंबर को मिलने का समय मांगा है। चूंकि 9 नवंबर को प्रधानमंत्री को विदेश जाना है, ऐसे में मुझे उम्मीद है कि हमें 8 तारीख को भेंट करने का समय मिल जाएगा। हालांकि, अपुष्ट खबरों के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को मंगलवार शाम पांच बजे का समय प्रधानमंत्री से मिलने के लिए दे दिया गया है। तृणमूल कांग्रेस के 24 लोकसभा सांसद मंगलवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं। पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने पार्टी के सांसदों की प्रधानमंत्री से संभावित बैठक की जानकारी ट्विटर पर दी थी।

इससे पहले ममता बनर्जी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा पार्टी के सांसद किसी भी तरह से इस बढ़ोतरी को जनता को समझा नहीं पाएंगे। पार्टी पेट्रोल की बढ़ी कीमत से कितनी नाराज है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी के केंद्र में मंत्रियों ने ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। पार्टी का कहना है कि अब ममता बनर्जी पर निर्भर है कि वह इन इस्तीफों को आगे बढ़ाती हैं या नहीं। पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने एक चैनल से बातचीत में इस बात की पुष्टि की।  तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य ककोली घोष दस्तीदार ने कहा हमें यह कदम इसलिए उठाना पड़ रहा है क्योंकि लोग लंबे समय से महंगाई से त्रस्त हैं। ममता बनर्जी का दावा है कि पेट्रोल के दाम में 1.82 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से पहले उनकी पार्टी से कोई सलाह मश्विरा नहीं किया है। इस साल अब तक चार बार पेट्रोल के दाम बढ़ चुके हैं। पिछले साल की तुलना में इस समय पेट्रोल 17 रुपये महंगा बिक रहा है।

घटेंगे दाम!

लगता है कि ममता बनर्जी और विपक्ष द्वारा बनाया जा रहा दबाव काम करने लगा है. सूत्रों के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल के दाम घटाने की तैयारी में हैं. पेट्रोल के दाम 30 से 35 पैसे प्रति लीटर कम हो सकते हैं. अगले 15 दिनों में ये कटौती हो सकती है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तीन डॉलर प्रति बैरल की कमी आई है. साथ ही सरकार के सहयोगी दलों की नाराजगी को देखते हुए तेल कंपनियों ने दाम में कटौती करने का फैसला किया है. मालूम हो कि 13वीं बार बढ़ोतरी के बाद ये पहला मौका है जब तेल कंपनियां पेट्रोल के बढ़े दाम कम करेंगी.

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