नई दिल्ली, 28 दिसंबर. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने व्हीप जारी होने के बाद भी सदन में अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेसी सांसदों को फटकार लगाई है.

श्रीमती गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व सदन के मुख्य व्हीप को बुलाकर न सिर्फ अनुपस्थित सांसदों की लिस्ट मांगी बल्कि कई सांसदों को व्यक्तिगत पर डॉट भी लगाई. इसके बाद पार्टी की ओर से अनुपस्थित सभी दस सांसदों को कारण बताओं नोटिस जारी करने का भी निर्णय लिया गया.  उल्लेखनीय है कि लोकसभा में पर्याप्त संख्याबल के अभाव में लोकपाल को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया जा सका. इस संदर्भ में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने आज कहा, अनुपस्थित रहने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सांसदों की अनुपस्थिति ने उन्हें ‘बेहद निराश’ किया क्योंकि उनकी उपस्थिति से लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दिये जाने का संविधान संशोधन विधेयक पारित हो जाता.

उन्होंने कहा कि व्हिप जारी होने के बावजूद सांसदों की अनुपस्थिति बताती है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. यह पूछे जाने पर कि क्या सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, नारायणसामी ने कहा, निश्चित रूप से उन लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. पार्टी नेतृत्व तथा सरकार इस पर विचार करेगी. उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि श्रीमती गांधी ने इस संदर्भ में पार्टी के वरिष्ठï नेताओं से विचार विमर्श किया है. संसद में मंगलवार को नहीं मौजूद रहे कुछ सांसदों को आज उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर बुलाकर डाट लगाई है. संविधान संशोधन विधेयक पर मतदान के समय कांग्रेस के लगभग दस सांसद अनुपस्थित रहे जबकि सहयोगी दलों के कई सांसद अनुपस्थित थे. गौरतलब है कि कांग्रेस के अनुपस्थित सांसदों में हमदुल्लाह सईद, राजमोहन रेड्डी, विक्रम भाई अर्जुन भाई अहीर, किशन वी पटेल, के आर जे रेड्डी, हर्षवर्धन, एमआई शहनवाज, जोजके मनी, संजय भोय तथा दिनशा पटेल का नाम सामने आया है.

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