अमेरिकी कमांडो ने संभाला मोर्चा, तालिबान ने ली जिम्मेंदारी

काबुल, 13 सितंबर. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मौजूद भारतीय और अमेरिकी दूतावासों के पास छह बम धमाके हुए हैं. दूसरे देशों के दूतावासों के सामने भी गोलीबारी हो रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में पांच फिदायीन हमलावरों ने बम विस्फोट किए हैं. हमले में अब तक 4 लोग घायल हुए हैं. इस हमले में सभी भारतीय सुरक्षित बताए जा रहे हैं.

अमेरिकी अखबार के हवाले से हमलावर अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट से हमले कर रहे हैं.  अमेरिकी दूतावास की छत पर मरीन कमांडो ने डटे हुए हैं और हमलावरों को जवाब दे रहे हैं. अमेरिका दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर दूतावास के करीब चक्कर लगा रहे हैं. पांच हमलावरों में से दो को अफगान एनडीएस फोर्स ने गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन तीन अब भी गोलीबारी कर रहे हैं. अफगान सुरक्षाकर्मियों ने एक कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जब वह रुकी नहीं. स्थानीय खबरों के मुताबिक डेहमजांग इलाके में दूसरा धमाका हुआ है. इस इलाके में अफगानी संसद, नीदरलैंड और रूस के दूतावास के अलावा बॉर्डर और ट्रैफिक पुलिस का मुख्यालय है. इस हमले में एक पुलिस कर्मी मारा गया है. शिनोजादा अस्पताल के पास गोलीबारी चल रही है. इसी इलाके में अफगानिस्तान के गृह मंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी भी मौजूद हैं.

पुलिस अधिकारी मोहम्मद जाहिर का कहना है कि बंदूकधारियों का एक समूह अमेरिकी दूतावास के पास बन रही एक इमारत से वजीर अकबर खान इलाके में गोलीबारी कर रहा है. इस इलाके में कई देशों के दूतावास हैं. अफगानिस्तान में मौजूद नाटो का कार्यालय भी इसी इलाके में है. दूतावासों की तरफ जाने वाले रास्तों को बंद कर
दिया गया है.

तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वह सरकारी इमारतों को निशाना बना रहा है. तालिबान प्रवक्ता के मुताबिक, आज दिन में करीब एक बजे काबुल के अब्दुल हक चौराहे के नजदीक फिदायीन हमलावरों ने स्थानीय और विदेशी खुफिया एजेंसियों पर हमला बोल दिया. सूत्रों के हवाले से खबर है कि नाटो के इंटरनेशनल सिक्योरिटी असिस्टेंस फोर्स (आईएसएएफ) का मुख्यालय इस हमले का एक निशाना है. वहीं, आईएसएएफ प्रवक्ता ने कहा कि काबुल सेंटर पर हमले हो रहे हैं.
हमलावरों के पास एके-47 के अलावा बम वगैरह बड़ी मात्रा में बताया जा रहा है. कुछ हफ्ते पहले काबुल के ब्रिटिश काउंसिल दफ्तर पर हुए फिदायीन हमले में 12 लोग मारे गए थे. तालिबान ने उस हमले की भी जिम्मेदारी ली थी.

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