भाजपा कार्यकत्र्ता के फीडबैक से प्रभात चिंतित

विधायकों को पत्र लिख कार्यकर्ता से समन्वय बनाने को कहा

भोपाल,24 मई,नभासं.जनता और कार्यकत्र्ता के फीडबैक के बाद भाजपा में वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में सरकार फिर से कैसे बनाई जाए इस मसले पर विचार विमर्श शुरु हो गया है.

पार्टी व आरएसएस में पिछली कई बैठकों के बाद ये सहमति बनती दिख रही है कि मौजूदा विधायकों के परफारमेंस के आधार पर उनके टिकट तय किए जाएंगे सूत्रों ने कहा कि पार्टी का एक बड़ा वर्ग नए चेहरों को टिकट देने की रणनीति पर काम करने का सुझाव दे रहा है जिसके चलते तकरीबन 60 फीसदी विधायकों के टिकट बदलना तय माना जा रहा है. सूत्रों ने कहा इसके लिए विधायकों के कामकाज पर गैरराजनीतिक लोगों से चर्चा की जा सकती है.भाजपा की इस रणनीति के बाद पार्टी में विचारधारा से जुड़े हुए लोगों के बजाय एैसे लोगों को टिकट में तवज्जो दी जा सकती है जो कि अपने क्षेत्रों में साफ छवि के अलावा खासा सम्पर्क रखते हैं.

चिंता की मुद्रा
आएसएस से लेकर भाजपा के संगठन तक इनदिनों चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं.जनता और पार्टी के सबसे छोटे कार्यकर्ता से मिले फीडबैक के बाद भारतीय जनता पार्टी के आला नेता चिंता की मुद्रा में है. अपनी इस चिंता से पार्टी विधायकों को अवगत कराते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने लगभग 20 मुद्दों का एक चार पृष्ठीय पत्र विधायकों को लिखा है जिसमें उन्होंने विधायकों से आम जनता और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क, संवाद एवं ब्यूरोक्रेसी और मीडिया से समन्व्य बना कर काम करने की हिदायत दी है.

पत्र में जनप्रतिनिधियों की व्यस्तता का हवाला देते हुए झा ने कटाक्ष किया है कि आप मुझसे अधिक व्यस्त होंगे, लेकिन पत्राचार मेरे व्यवहार में शामिल है. उन्होंने पत्र में 20 मुद्दों पर विधायकों से स्वयं का एनालेसिस करने का सुझाव भी दिया है. इन मुद्दों में जनता के साथ संपर्क और संवाद कार्यकर्ताओं एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ सहप्रवास, जनता के बीच उनके कामों की अच्छी बुरी चर्चा, विधायक कार्यालय में सरकारी योजनाओं की जानकारी, विगत तीन वर्षों के कार्यकाल का लेखा-जोखा, सभी मंत्रियों के दौरों की जानकारी, विकास यात्रा का विवरण, विधायक कार्यकाल में प्रमुख कार्यों का प्रचार-प्रसार, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना एवं मृतकों के नाम हटवाने और सरकारी अधिकारियों एवं पत्रकारों से समन्वय स्थापित करने की सलाह दी गई है.झा ने विधायकों को इस बात से अवगत कराया है कि जनता ईमानदारी, कठोर परिश्रम, पारॢदशता और सच्ची सहानुभूति चाहती है.

उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया है कि जनता और कार्यकर्ताओं से जो बातें छन कर आई हैं उसे हमने पत्र के माध्यम से रखने की कोशिश की है.इस बारे में प्रभात झा ने कहा कि यह संगठन का कार्य है. विधायकों को जो निर्देश दिए जाते हैं उससे उनके कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी जिससे कार्यकत्र्ता व आम आदमी से नजदीकी बनाए रखने में उन्हें मदद मिलेगी.

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