टीम अन्ना को बनाया निशाना

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर. एक युवक ने टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल पर हमला कर दिया। केजरीवाल को घेरा बनाकर चल रहे कार्यकर्ताओं ने उस युवक को दबोच लिया और पिटाई के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन की राष्ट्रीय कोर कमिटी के सदस्य संजय सिंह ने बताया कि झूलेलाल पार्क में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे केजरीवाल कार से उतरकर जब मंच पर चढ़ रहे थे, तभी जितेंद्र पाठक नामक युवक ने उन पर हमला कर दिया और चप्पल फेंकी।  उस युवक ने खुद को जालौन का निवासी बताया है। इसके बावजूद कार्यक्रम में जमकर हंगामा हुआ। किसी तरह लोगों को शांत कराकर कार्यक्रम शुरू कराया गया। पुलिस ने हिरासत में लेकर युवक से पूछताछ शुरू कर दी है। हमलावर ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने बांदा की सभा में भ्रष्टाचार पर कोई बात नहीं की इसलिए उसने हमला किया। जितेंद्र ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि केजरीवाल चीन के एजेंट हैं और वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर देश की जनता को बरगला रहे हैं।

  • मौन व्रत पर बैठे अन्ना हजारे ने लिखकर बयान देते हुए कहा कि यह अरविंद केजरीवाल नहीं लोकतंत्र पर हमला है।  जनलोकपाल के लिए उनकी टीम लाठी क्या गोली भी खाने के लिए तैयार है।
  • किरण बेदी ने कहा कि अरविंद पर हमला करने वाले व्यक्ति की सोच ही खराब है।
  • अरविंद के सहयोगी संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने हमला करने वाले युवक को माफ कर दिया है।
  • कांग्रेस के नेता राशिद अलवी ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के कृत्य निंदनीय हैं।
  • भाजपा के नेता शाहनवाज हुसैन ने  कहा केजरीवाल पर हमला करने वाले व्यक्ति के विचार कांग्रेस से मेल खाते हैं।

अन्ना की टीम में दरार, दो सदस्यों का इस्तीफा

नयी दिल्ली. गांधीवादी समाजसेवी अन्ना हजारे के दो प्रमुख सदस्य पीवी राजगोपाल और राजेंदर सिंह ने आंदोलन के राजनीतिक रूप लेने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए मंगलवार को कोर कमेटी से इस्तीफा दे दिया. उनका दावा है कि कोर कमेटी भ्रम का शिकार हो गई है. हिसार में कांग्रेस विरोधी अभियान शुरू करने के निर्णय का जिक्रकरते हुए दोनों ने दावा किया कि यह कोर कमेटी की ओर से नहीं लिया गया.  समिति से दोनों सदस्यों के इस्तीफा देने का यह एक प्रमुख कारण माना जा रहा है.  हालांकि राजगोपाल ने कहा कि दल की ओर से उन पर ऐसा नहीं करने का दबाव है. सिंह ने कहा कि मैंने टीम से अपने आपको अलग कर लिया है. इस टीम का स्वरूप राजनीतिक हो गया है. हिसार समेत अन्य बयानों से यह स्पष्ट है. राजगोपाल अभी केरल के अट्टापडी में हैं और उन्होंने इस विषय पर कोर कमेटी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को अपने निर्णय के बारे में पत्र लिखा है. वहीं सिंह ने कहा कि उन्हें इस विषय पर पत्र लिखने की जरूरत नहीं महसूस होती है क्योंकि उन्होंने सदस्यता की मांग नहीं की थी.

राहुल ने नहीं दी अन्ना के दूतों को तवज्जो

नई दिल्ली.  राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिलने से निराश अन्ना हजारे के गांव के सरंपच और उनके साथियों ने मंगलवार को घर लौट जाने का फैसला किया और कहा कि यदि उन्हें अब मुलाकात का समय मिल भी गया तो गांव इस बात का फैसला करेगा कि कांग्रेस नेता से मिलना है या नहीं. इस बीच इन लोगों के साथ बातचीत करने वाले और कथित रूप से बैठक निर्धारित करने वाले कांग्रेस के नेता पी सी थामस ने इस संवादहीनता के लिए माफी मांगी है जिस वजह से भ्रम उत्पन्न हुआ.

हजारे के निकट सहयोगी सुरेश पथारे ने कहा कि हम यहां तब आए थे जब हमें यह बताया गया कि हमारी राहुल गांधी के साथ 18 अक्टूबर को सुबह नौ बजे मुलाकात है. हम सांसद के शब्दों पर विश्वास करते हुए यहां आ गए. अब सांसद कह रहे हैं कि यह एक संवादहीनता है. हम घर जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने सांसद के सुझाव के आधार पर अपने पत्र में राहुल गांधी से मुलाकात के लिए लिखा था. थॉमस के कार्यालय से हमारा कई बार संपर्क हुआ. यहां तक कि राहुल गांधी के कार्यालय ने भी सरपंच को कई बार फोन किया था. पथारे ने कहा कि अब वे राहुल गांधी से नहीं मिल रहे हैं क्योंकि ऐसा लगता है कि कुछ अहं की समस्या है और ग्राम पंचायत इस बात का फैसला करेगी.

कि भविष्य में मुलाकात का समय मिलने पर उनसे मिला जाए या नहीं. उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब रालेगण सिद्धि से सरपंच जयसिंह मपारी के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल मामले को सुलझाने के लिए थामस से उनके आवास आज सुबह मिला. मपारी ने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यालय से उन्हें मुलाकात के मामले पर कई बार फोन आया था. कांग्रेस सांसद थामस ने कहा कि उनके कार्यालय ने गलती से मपारी से कहा था कि 15 अक्टूबर के बाद दिल्ली आए. उन्होंने कहा कि एक संवादहीनता थी. मैं इसके लिए सरपंच और अन्य से माफी मांगता हूं. इस बीच थामस ने पथारे के इस दावे को खारिज कर दिया कि उनके पक्ष द्वारा कहे जाने के बाद हजारे के सहयोगियों ने राहुल गांधी से मिलने का फैसला किया. थामस ने कहा कि वह एक महीने पहले हजारे द्वारा वहां शुरू किए गए ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का अध्ययन करने के लिए रालेगण सिद्धि गए थे. उन्होंने कहा कि वहां पर मैंने सरपंच और अन्य लोगों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि वे राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं. मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि जो भी मदद मैं कर सकता हूं, मैं करूंगा.

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