आप मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं और वह अगर ‘स्मार्ट’ नहीं है तो बहुत संभव है कि कई जगह आपको हिकारत की नजर से देखा जाए। कुछ लोगों को यह बात अतिश्योक्तिपूर्ण लग सकती है, लेकिन सच यही है कि स्मार्टफोन का क्रेज कुछ ऐसा हो चला है कि इसे आपकी हैसियत से जोड़कर देखा जाने लगा है, लेकिन मुद्दा हैसियत का नहीं समझ का है। और समझ कहती है कि आप अगर मोबाइल फोन को लगभग कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं तो स्मार्टफोन आपकी जरूरत है।

अमूमन स्मार्टफोन का मतलब हम समझते हैं कि ज्यादा फीचर वाले फोन, लेकिन स्मार्टफोन की साधारण परिभाषा गढऩे की कोशिश करें तो हाई-एण्ड वाला ऐसा मोबाइल फोन, जिसमें बड़ी कलर स्क्रीन हो, कम्प्यूटर जैसी उच्चस्तरीय क्षमतायें एवं उन्नत फीचर हों तथा एक सुपरिभाषित ऑपरेटिंग सिस्टम हो। हार्डवेयर की दृष्टि से इसमें  कैमरा, ब्लूटूथ, मैमोरी कार्ड जैसे सामान्य फीचर तो होते हैं ही, साथ में तेज प्रोसेसर, अधिक रैम, अधिक रिजॉल्यूशन डिस्प्ले, जीपीएस नेवीगेशन तथा मोशन सेंसर जैसे आधुनिक फीचर भी होते हैं।

ऑपरेटिंग सिस्टम स्मार्टफोन को ज्यादा स्मार्ट बनाता है, जबकि एप्लीकेशंस की मदद से मोबाइल फोन कई अन्य विशिष्ट काम करने लायक बनता है। आजकल अधिकतर स्मार्टफोन टचस्क्रीन युक्त होते हैं। नया दौर स्मार्टफोन का है क्योंकि हथेली में मोबाइल थामे लोग इस उपकरण से सिर्फ बात नहीं करना चाहते बल्कि हर वो काम कर लेना चाहते हैं, जो कंप्यूटर करता है। नील्सन इंडिया और इंफॉरमेट मोबाइल इंटेलिजेंस द्वारा किए संयुक्त सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्टफोन ने मोबाइल फोन को इस्तेमाल करने का पूरा तरीका ही बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्टफोन के उपयोक्ता अब बात और एसएमएस करने से ज्यादा मनोरंजन पाने और इंटरनेट पर उपलब्ध अलग-अलग कंटेंट पाने के लिए फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। स्मार्टफोन उपयोक्ता औसतन दिन में 2.5 घंटे फोन का इस्तेमाल करता है। इसमें 72 फीसदी समय गेम्स खेलने, तरह तरह के एप्लीकेशन इस्तेमाल करने आदि में गुजारता है, जबकि सिर्फ 28 फीसदी समय वो फोन पर बात करने या एसएमएस भेजने में खर्च करता है।

एक अनुमान के मुताबिक भारत का स्मार्टफोन बाजार 2012 के अंत तक बढ़कर 1.8-1.9 करोड़ फोन का हो जाएगा जो 2011 में करीब 80 लाख फोन का था। साफ है इस बढ़ते बाजार में हिस्सेदारी पाने के लिए मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों के बीच भी स्मार्टफोन बनाने की होड़ है। हर दूसरे दिन नया स्मार्टफोन लांच हो रहा है। स्मार्टफोन बाजार में आज सैमसंग सबसे बड़ी कंपनी है, जिसने हाल में फिनलैंड की नोकिया को पटखनी दी है। सैमसंग ने हाल में गैलेक्सी एस3 बाजार में उतारा है, जिसकी खासी चर्चा है। एप्पल, नोकिया, एचटीसी और माइक्रोमैक्स समेत सभी कंपनियों का ध्यान अब स्मार्टफोन पर है। स्मार्टफोन की लगातार कम होती कीमत के बीच तय है कि भविष्य में मोबाइल फोन खासे ‘स्मार्ट’ होंगे। यह जरूर है कि क्या इन स्मार्टफोन के लिए वह कंटेंट और एप्लीकेशंस मौजूद हैं, जिनकी सही मायने में जरूरत है। ग्रामीण इलाकों के लोगों की जरूरत के मुताबिक अभी एप्लीकेशन मौजूद नहीं हैं। हिन्दी में एप्लीकेशन-कंटेंट भी लगभग नहीं हैं।

<    ओजस सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड ने हाल में एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म के लिए एक ऐसा एप्लीकेशन बनाया है, जिसके जरिए किसान अपनी जमीन के अलग-अलग कोनों पर खड़े होकर सिर्फ बटन दबाएगा और उसे जमीन का पूरा क्षेत्रफल मालूम पड़ जाएगा।

<    नील्सन इंडिया और इंफॉरमेट मोबाइल इंटेलिजेंस की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट- एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म के स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले करीब हर माह 19 एप्लीकेशन डाउनलोड करते हैं, वहीं यह आंकड़ा सिंबियन प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 10 का है।

<    रोज शुरू हो रहे एंड्रॉइड फोन रोज दुनिया में पैदा हुए बच्चों से ज्यादा हैं। यूट्य़ूब कंटेंट हैड रॉबर्ट किंकल कहते हैं गत दिसंबर रोज करीब सात लाख एंड्रॉइड फोन शुरू हुए थे, वहीं संयुक्त राष्ट्र के अनुसार रोज दुनिया में करीब तीन लाख बच्चों पैदा होते हैं।

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