प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में कोई भी बदलाव जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप हो

नई दिल्ली, 7 दिसंबर. पश्चिम एशिया में उथल पुथल के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत इस क्षेत्र में बाहर से कोई बदलाव थोपे जाने के खिलाफ है.

प्रधानमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के एक सवाल के जवाब में कहा कि पश्चिम एशिया में कोई भी बदलाव स्थानीय जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र पर बाहर से कोई बदलाव थोपे जाने के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में 60 लाख भारतीय हैं जिनके हित और कल्याण सरकार के लिए सबसे ऊपर है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और पश्चिम एशिया की सभ्यताओं और संस्कृतियों के बीच संबंध सदियों पुराने हैं. इस क्षेत्र के साथ दोस्ताना संबंधों को भारत बहुत महत्व देता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन ने हाल ही में ओमान-कतर और सऊदी अरब की सफल यात्रा पूरी की है. इससे पहले विदेश राज्यमंत्री ई अहमद ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय दूतावासों के जरिए इस क्षेत्र में घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है. अहमद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य होने के नाते भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र की समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के लिए अन्य सदस्यों के साथ मिल कर काम कर रहा है.

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