अरविन्द शर्मा ग्वालियर 10 अक्टूबर। वन विभाग का अमला एक करोड़ से अधिक का बजट सोन चिरैया को खोजने में खर्च चुका है, लेकिन उसके बाद भी सोन चिरैया नहीं मिली।

बीते दिनों सोन चिरैया के मिले अण्डे की सत्यता को परखने के लिए अब इस अण्डे का डीएनए देहरादून में चल रहा है। चिकित्सकों की टीम घाटीगांव से अण्डा लेकर देहरादून पहुंच गई है। वन विभाग के अफसरों ने दावा किया है कि दो दिन के भीतर देहरादून से सोन चिरैया के अण्डे की रिपोर्ट आ जाएगी, उसके बाद ही सोन चिरैया की खोज में वन अमला जुटेगा। गौरतलब है कि अभी तक वन विभाग का अमला एक करोड़ से अधिक का बजट सोन चिरैया को खोजने में खर्च चुका है, लेकिन उसके बाद भी सोन चिरैया नहीं मिली। अफसरों का मानना है कि जल्द ही उनको बहुत बड़ी सफलता डीएनए टेस्ट के बाद मिलने वाली है। उधर ग्वालियर में भी वन विभाग के अफसरों को डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट का बेसब्री से इन्तजार है।

सोन चिरैया के अण्डे को लेकर सोन चिरैया अभ्यारण्य के अफसर सरगर्मी से रिपोर्ट का इन्तजार कर रहे हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि देहरादून में भारतीय वन्य प्राणी संस्थान के चिकित्सक डा रंजीत सिंह डीएनए टेस्ट कर रहे हैं। रिपोर्ट को लेकर अफसर चिकित्सक से संपर्क में है।

सोन चिरैया अभ्यारण्य 512 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। अण्डा मिलने के बाद 15 सदस्यी वन अमला मैदान में कूद चुका है। विभागीय अफसरों का कहना है कि जब अण्डा मिला है तो सोन चिरैया जरूर अभ्यारण्य में होगी।

इनका कहना है
देहरादून के भारतीय वन्य प्राणी संस्थान में डा रंजीत सिंह सोन चिरैया अण्डे का डीएनए कर रहे हैं, रिपोर्ट जल्द आ जाएगी। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के बाद खुलासा हो जाएगा।
द्द दिलीप कुमार (वन मण्डल अधिकारी ग्वालियर)

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