अलोसो ने मनाया शतक का जश्न

दोनेत्स्क, 24 जून. अपना 100वां अंतराष्ट्र्रीय मैच खेल रहे गत चैंपियन स्पेन के स्टार स्ट्राइकर जाबी ओलोंसो ने इसका जश्न मैच के दोनों गोल दागते हुए अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाकर मनाया. ओलोंसो के डबल से स्पेन ने फ्रांस को 2-0 गोल से पीटकर सेमीफाइनल में जगह बनायी जहां उसका सामना पुर्तगाल से होगा.

ओलोंसो दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने यूरो कप के दौरान अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला. इस खुशी को उन्होंने दोनों हाफ में शानदार गोल जडकर मनाया. उनके 19वें मिनट में किये मैदानी गोल से स्पेन को 1-0 की बढ़त मिली और पहले हाफ तक यही स्कोर रहा. ओलोंसो ने फिर इंजरी टाइम के पहले मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर स्पेन की जीत का अंतर दोगुना कर दिया. विश्व विजेता स्पेन की यह जीत देश के फुटबाल इतिहास में लंबे समय तक याद की जाएगी क्योंकि ओलोंसो का 100वां मैच होने के साथ ही किसी बडे टूर्नामेंट में स्पेन की फ्रांस पर यह पहली जीत है. स्पेन यूरो कप में इस मैच से पहले फ्रांस के खिलाफ खेले पांच में से एक भी मुकाबला जीतने में नाकाम रहा था लेकिन यूरो में अपनी बादशाहत बरकरार रखने को बेकरार स्पेनी टीम ने इस बार इतिहास रच ही दिया. दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरों से सजे स्पेन ने बडे टूर्नामेंटों में लगातार आठवीं बार बिना कोई गोल खाये जीत दर्ज की है. यह भी अपने आप में इतिहास है. इस मैच में स्पेनी गोलकीपर आइकर कैसिलास को केवल एक बार फ्रांसीसी आक्रमण को गोल होने से रोकने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. शेष समय स्पेनी टीम ही मैच में हावी रही1स्पेन ने मैच में अपना दबदबा बनाये रखते हुए आधे से ज्यादा समय तक गेंद अपने कब्जे में रखा.

टीम ने कुल नौ प्रयास किये जिनमें से चार विपक्षी गोलमुख पर केन्द्रित थे और इनमें से दो गोल में बदल सके. अपने स्टार स्ट्राइकर फर्नांडो टोरेस को विश्राम देने के बावजूद स्पेन के तेवरों में कोई कमी नहीं दिखी और लगातार आक्रमणों से उसने फ्रांस को बिल्कुल दंतहीन साबित कर दिया. आखिरी लीग मैच में स्वीडन के हाथों 0-2 से पिटी फ्रांसीसी टीम निराशा से उबर नहीं पायी और इस मैच में भी उतने ही अंतर से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गयी.
स्पेनी कोच विंसेंट डेल बोस्क ने मैच के बाद कहा हमने शुरु से अंत तक मैच पर अच्छा नियंत्रण बनाये रखा. कैसिलास को तो बमुश्किल मेहनत करने के मौके मिले. सबसे महत्वपूर्ण है कि हम अगले मैच के लिए नये जोश के साथ तैयार हो गये हैं. फ्रांस को टूर्नामेंट में मात्र एक जीत मेजबान यूक्रेन की कमजोर टीम पर मिल पायी और इस कारण उसका सफर बहुत अच्छा नहीं रहा. फ्रांसीसी प्रशंसक मान रहे थे कि गत विश्व कप के निराशाजनक बिखराव से उबरकर टीम सकारात्मक प्रदर्शन करेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका और फ्रांस को खाली हाथ लौटना पड़ा.

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