भोपाल, 19 अप्रैल. नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी एवं कर्मचारीगण अब सिर दर्द बन गए है. वहीं दूसरी ओर नगर निगम की वित्तीय हालात मौजूदा दौर में सही नहीं है.इसके बावजूद नगर निगम को प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर 18 करोड़ खर्च का भार उठाना पड़ रहा है. इधर नगर निगम में कर्मचारियों की कमी नहीं है. इसके अलावा कई पद वर्षो से रिक्त पड़े है.

इन पदों को भरने की बजाए प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है. जिनके वेतन पर प्रतिमाह भत्ते सहित डेढ़ करोड़ रुपए का खर्चा निगम को वहन करना पड़ रहा है. इस कारण निगम की वित्तीय हालत खराब भी हो रही है. पूर्व आयुक्त के कार्यकाल में प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों की संख्या 75 से अधिक थीं. जोकि अब घटने के उपरांत 58 हो गई है. यहाँ सबसे ज्यादा कर्मचारी पी.एच.ई. से आए हैं. वित्तीय हालत नाजुक- नगर निगम में बड़े पदों पर पदस्थ अधिकारियों की सेवानिवृत्त 2015 में हो जाएगी. अधिकारियों की सेवानिवृत्त के बाद सम्पूर्ण नगर निगम प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा संचालित होने की शंका है. अगर ऐसा होता तो नगर निगम की 2015 के बाद वित्तीय हालत और नाजुक हो जाएगी.

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