भोपाल, 28 मार्च. मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि भौतिकता के साथ आध्यात्म जरूरी है. बिना आध्यात्म के मनुष्य सुखी नहीं हो सकता है. मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ प्रजा पिता श्री ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अमृत महोत्सव को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में स्वर्णिम संसार स्थापना का शुभारंभ किया गया.

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बिना ज्ञान के जीवन अधूरा है. दुनिया आज पर्यावरण बचाने की बात कर रही है. जबकि हमारे यहाँ हजारों वर्षों से पेड़-पौधों, नदी-पहाड़, जीव-जंतुओं की पूजा कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया है. एक ईश्वर और विश्व कल्याण की बात कही गई है. हमारे यहाँ पूरे विश्व को एक परिवार मानकर वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि स्वर्णिम देश और प्रदेश बनाने के लिए हमें पाँच संकल्प लेना होंगे, इनमें अपने कर्त्तव्यों का पालन, हर बच्चे का स्कूल भेजना, नशा मुक्ति अभियान चलाना, बेटियों को बचाना और समाज सेवा का एक रचनात्मक कार्य करना शामिल हैं.

कार्यक्रम में ब्रम्हा कुमारी डिवाइन रेडियो के बारे में घोषणा की गई.
स्वागत भाषण ब्रम्हा कुमारी अवधेश बहन द्वारा दिया गया. कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर, वित्त मंत्री श्री राघवजी, कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया सहित बड़ी संख्या में प्रजापिता ब्रम्हा कुमारी विश्वविद्यालय से जुड़े बहिन-भाई उपस्थित थे.

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