पुलिसवालों के बेटे व उनके दोस्तों ने तलवार, डंडों से किया हमला

भोपाल/बैरागढ़, 8 मई, नभासं. पैसों का विवाद मार्केटिंग एक्जियक्यूटिव के जान का दुश्मन बन गया. हत्या भी कानून के रखवालों व रसूखदारों के लाडलों ने की. पैसों का विवाद पुलिसकर्मियों के बेटों को इतना नागवार गुजरा कि मार्केटिंग एक्जिक्यूटिव की सरेराह तलवारों, राडों और डंडों से हमला कर  हत्या कर दी.

एक्जिक्यूटिव का बचाव करने आए उसके दो साथियों की भी पिटाई की. घटना बैरागढ़ इलाके में देर रात की है. पुलिस ने हत्या, बलवा का केस दर्ज किया है. हालांकि, अभी तक एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा. पुलिस के मुताबिक आरोपी युवक भदभदा स्थित वॉयरलेस कॉलोनी के रहने वाले हैं और पुलिसकर्मी के बेटे हैं. आरोपी शाहपुरा थाने में पदस्थ एक सिपाही का बेटा है.

बैरागढ़ थाना के मुताबिक, माता मंदिर निवासी अनिल पांडे (20) रविवार दोपहर राजेश तिवारी, नरेश कुमार और राहुल के साथ नौकरी की तलाश में इंदौर गया था, जहां 50 हजार रूपए लेनदेन को लेकर अनिल का राजेश तिवारी से विवाद हो गया. बताया जाता है कि घटना के समय अनिल ने अपने तीनों दोस्तों के साथ इंदौर में शराब भी पी थी. रास्ते में हुई बहस में आरोपी राजेश तिवारी ने अनिल को जान से मारने की धमकी दी और अपने भाई नागेश तिवारी को फोन करके टोल टैक्स पर आने को कहा. टोल टैक्स का नाका क्रास करते हुए राजेश का भाई नागेश अपने दो दर्जन से ज्यादा साथियों के साथ मोटरसाइकल पर सवार होकर पहुंच गया और कार का पीछा करते  हुए बैरागढ़ पहुंच गए. मिराज शोरूम के पास अनिल ने नरेश कुमार को गाड़ी से उतारने के लिए कार रोकी तभी पीछा कर रहे आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया. आरोपी अनिल को तब तक मारते रहे, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया.

नेता का भतीजा
मृतक अनिल मप्र कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे का भतीजा है. हालांकि पांडे घटना के वक्त दिल्ली में थे. उनके परिवार वालों ने बताया कि अनिल मूल रूप से रीवा का रहने वाला है, वह अपने चाचा अशोक पांडे के पास ही रहता था. अनिल के परिवार वालों ने बताया कि पुलिस वालों के बेटों ने पहले ही अनिल को मारने की योजना तैयार कर रखी थी.

घालमेल की आशंका
मामला पुलिस के परिवार वालों से जुड़ा होने के कारण मृतक अनिल के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि पुलिस केस को भटकाने का अभी से काम शुरू कर दी है. रविवार को हत्या हुई, लेकिन पुलिस सोमवार को आरोपियों को पकडऩे में नाकाम रही है. इससे साफ है कि कातिलों को बचाने में पुलिस भरपूर मदद करेगी. सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि टोल नाके से बैरागढ़ तक कातिलों ने अनिल का पीछा क्यों किया. मृतक के परिवार वालों ने बताया कि जब अनिल का पीछा कातिल कर रहे थे तो गश्ती पर तैनात पुलिसवालों ने पीछा कर रहे लोगों पर ध्यान क्यों नहीं दिया.

अभी हुई थी शादी
मृतक अनिल के परिवार वालों ने बताया कि अनिल की शादी 25 अप्रैल को ही सतना में हुई थी. फिलहाल, उसकी पत्नी अपने मायके में है. घटना की सूचना मिलते ही उसके ससुराल में मातम छा गया.

परवलिया में मिला कंकाल

उधर परवलिया थाना अंतर्गत एक माह पुराना एक व्यक्ति का कंकाल मिला है. पुलिस ने किसी भी घटना से इंकार किया है. परवलिया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शांति नगर क्षेत्र में रहने वाले राजेश पिता नारायण सिंह ने पुलिस को सूचना दी विकास यादव के खेत के पास एक कंकाल पडा हुआ है. जहां मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि करीब एक, डेढ माह पुराने युवक की हड्डियां पडी हुई है. फिल्हाल पुलिस ने किसी भी घटना से इंकार किया ओर कंकाल को जप्त कर जांच के लिए भेज दिया हैं पुलिस आगे की जांच में जुट गई है.

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