पं. श्रीराम शर्मा की जन्मशती के मौके पर गायत्री महाकुंभ के दौरान हुआ हादसा

  • पांच लाख से अधिक संख्या में जुटे थे श्रद्धालु, मृतकों में 14 महिलाएं


हरिद्वार, 8 नवंबर.
हरिद्वार में आज एक धार्मिक आयोजन के दौरान मची भगदड़ में मरने वालों की तादाद बढ़कर 22 हो गई है। हादसा यहां चल रहे गायत्री महाकुंभ के दौरान हुआ। भगदड़ में कम से कम 30 लोगों के जख्मी होने की भी खबर है। मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है।

 

इस हादसे की वजह को लेकर कई तरह की खबरें आ रही हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन की तरफ से इसकी वजह पर अभी तक कोई बयान नहीं आया है। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘यज्ञ’ में हिस्सा लेने के लिए शांतिकुंज आश्रम में घुसने की कोशिश कर रहे हैं तभी गेट पर भगदड़ मच गई। घटना की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धार्मिक गुरु पंडित श्रीराम शर्मा की जन्मशती के मौके पर हर की पौड़ी में आयोजित समारोह में हिस्सा लेने के लिए हजारों लोग जमा हुए थे। यह स्थान गंगा आरती के लिए बेहद मशहूर है। समारोह के आयोजकों के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब हवन के लिए लोगों की भीड़ बेकाबू हो गई।

सोनिया ने शोक जताया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोनिया गांधी ने हरिद्वार में भगदड़ के कारण हुई दुखद मौतों पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और अधिकारियों से आग्रह किया है कि वह घायलों को राहत प्रदान करने में तत्परता बरतें.

मरने वालों की सूची

पदमकांता (कानपुर), जयंतीबाई वर्मा (छत्तीसगढ़), सांवरी देवी (कुशीनगर, यूपी), बृजकुमारी (सीवान, बिहार), श्रीदेवी (लखीमपुर), गोमती देवी(दुर्ग, छत्तीसगढ़), इंद्रा देवी शुक्ला (छत्तीसगढ़), मुन्नी देवी विश्वकर्मा (टीकमगढ़), बसंती देवी, (सुल्तानपुर, यूपी), गोपाल कृष्ण (मुंगेर,बिहार), सुमन देवी (मुंगेर,बिहार), उर्मिला देवी, ( झांसी), राजो देवी। मरने वाले तीन लोगों का अभी तक नाम पता नहीं चल पाया। इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल है।

आयोजक जिम्मेदार

मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस हादसे के लिए शांतिकुंज आश्रम के लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। दरअसल, इस आयोजन की व्यवस्था में जिला प्रशासन और पुलिस को शामिल नहीं किया गया। 5 दिनों तक चलने वाले इस समारोह की जिम्मेदारी गायत्री परिवार के स्वयंसेवकों पर थी।

आने वाले थे कई वीवीआईपी

हरिद्वार में क्यों मची भगदड़? कौन है हादसे के लिए जिम्मेदार? किसकी लापरवाही से बेमौत मारे गए 16 श्रद्धालु? गंगा किनारे चल रहे गायत्री महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ के बाद हर कोई ये सवाल पूछ रहा है लेकिन मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी तो इसे भगदड़ तक मानने को तैयार नहीं हैं। पंडित श्रीराम शर्मा के जन्मशताब्दी समारोह में हिस्सा लेने के लिए देशभर से लोग हरिद्वार में इकट्ठा हुए थे लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि इस दौरान वो अपनों को ही गंवा बैठेंगे। डीएम डी सेंथिल कहते हैं कि भगदड़ की बात गलत है जो हुआ दम घुटने से हुआ। जबकि हादसे के पीडि़त लोग साफ कह रहे हैं कि वो भगदड़ के शिकार हुए हैं। जानकारी के मुताबिक गायत्री महाकुंभ में राज्य के मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी, हिमाचल, मध्य प्रदेश, गुजरात के मुख्यमंत्रियों समेत दर्जनों वीवीआईपी को आना था। इसके लिए आयोजकों ने कई रास्तों को बंद कर दिया था। जिसकी वजह से लाखों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं को जगह मिलने में दिक्कतें आ रही थीं। एक  घायल रामप्रसाद ने बताया-हम लोग जा रहे थे अपने साथी के साथ। हम आगे निकल गए। आगे बल्ली में मेरा और मेरी पत्नी का पांव फंस गया और फिर 15-20 लोग हमारे ऊपर गिर गए।

मृतकों में मुन्नी देवी भी
टीकगढ़, 8 नवंबर, नभासं. हरिद्वार हादसे में ग्राम चिरारी की 60 वर्षीय मुन्नीदेवी की भी मौत हो गई है. वे कार्यक्रम में भाग लेने अपने भाई लखन और भाभी के साथ गईं थीं. ग्राम पंचायत देवरी नायक के सरपंच के प्रतिनिधि ने मुन्नदेवी के निधन की पुष्टि की है. परिवारजन शव लेने के लिये रवाना हो गये हैं.

Related Posts: