भारतीय स्टेट बैंक विगत सौ से अधिक वर्षों से देश एवं प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान दे रहा है. भारत जैसे देश में जहां 60 प्रतिशत से ज्यादा आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी है, कृषि क्षेत्र के विकास के बिना संपूर्ण विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है.

कृषि क्षेत्र के विकास में बैंक वित्त की अहम् भूमिका रही है तथा भारतीय स्टेट बैंक ने सदैव इसमें प्रमुखता से अ भूमिका का निर्वहन किया है. विगत कुछ वर्षों से कृषि क्षेत्र की विकास दर में कमी आ रही है जिससे देश की संपूर्ण विकास दर पर विपरीत प्रभाव पड़ा है. भूमंडलीकरण की इस सदी में निश्चित ही वित्तीय संस्थाओं के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण है और कृषि क्षेत्र के विकास हेतु हमें संकल्पित होना पड़ेगा.

हमारी बैंक का सदैव यही प्रयास रहा है कि हमारी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण जनता का जीवन स्तर भी ऊंचा उठे.  ग्रामीण एवं अद्र्धशहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंक में एक ग्रामीण व्यवसाय समूह बनाया गया है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सहूलियत हेतु बैंक द्वारा वैकल्पिक माध्यमों (आल्टरनेट चैनल्स) जैसे बिजनेस फेसिलिटेटर, बिजनेस करेस्पोंडेंट आदि का उपयोग भी किया जा रहा है. पहले शाखाओं में जाकर खाता खुलवाने में होने वाली असुविधा से छुटकारा भी मिल गया है.

भारतीय स्टेट बैंक ने रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार दो हजार से अधिख आबादी वाले ग्रामों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु किओस्क सेंटर खोले हैं. इस घर के निकट बैंकिंग सुविधा का ग्रामवासी भरपूर फायदा उठा रहे हैं. पहले बैंक ग्राम से दूर होने के कारण राशि जमा करने एवं निकालने हेतु दूर आना जाना पड़ता था, जिसमें समय एवं पैसा दोनों ही लगते थे. छोटी बचत का पैसा कृषक/ग्रामवासी अपने पास रखने के कारण खर्च कर देते थे.

अब यही पैसा वे किओस्क द्वारा मनमाफिक जमा करने एवं निकालने लगे हैं. यह सुविधा किसानों को छोटी-छोटी बचत करने हेतु प्रेरित कर रहे हैं. इससे धन की सुरक्षा भी बढ़ गई है. ये छोटी-छोटी बचतें धीरे-धीरे बड़ी राशि में परिवर्तित हो जाती हैं. भारतीय स्टेट बैंक द्वारा कृषि प्रकरणों के शीघ्र निपटान के लिए ग्रामीण केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्रों एवं कृषि विकास शाखाओं की स्थापना की गई है. हमारे वृत्त में 39 आर.सी.पी.सी. एवं 33 कृषि विकास शाखाएं कृषि साख हेतु कार्य कर रही हैं.

हर भारतीय का बैंक

भारतीय स्टेट बैंक की म.प्र. एवं छत्तीसगढ़ में 1600 से ज्यादा शाखाएं हैं जिनमें 900 से अधिक शाखाएं ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में हैं. प्रदेश की ग्रामीण आबादी के आर्थिक आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु कृषि विकास शाखाओं की स्थापना भी की गई है. कृषि संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु किसान क्रेडिट कार्ड योजना में नियमित भुगतान करने वाले कृषकों को सरल शर्तों के साथ रुपये तीन लाख तक चार प्रतिशत पर ऋण उपलब्ध कराती है.

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