नागरिक-केन्द्रित ई-शासन कार्यशाला में केन्द्रीय अपर सचिव

भोपाल,13 सितंबर.केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अपर सचिव राजीव गौबा ने कहा है कि मध्यप्रदेश में नागरीकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए ई-शासन में जो योजनाएँ लागू की गई हैं वे दूसरे राज्यों के लिए अनुकरणीय हैं. इस संदर्भ में उन्होंने विशेषकर पटवारियों की भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा और ई-उपार्जन का जिक्र किया.

गौबा आज यहाँ नागरिक-केन्द्रित ई-शासन के संबंध में राज्य परामर्श कार्यशाला में बोल रहे थे. मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रानिक विकास के अध्यक्ष प्रेमशंकर वर्मा थे. मुख्यमंत्री के सचिव और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव हरिरंजन राव भी इस अवसर पर उपस्थित थे. गौबा ने राष्ट्रीय ई-शासन कार्यक्रम की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि सेवाओं के इलेक्ट्रानिक प्रदाय से भष्ट्राचार और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ई-शासन कार्यक्रम में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना एक महत्वपूर्ण अंग है. इसमें मध्यप्रदेश को फोकस किया जाएगा क्योंकि यहाँ इसके लिए बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हैं.

प्रेमशंकर वर्मा ने कहा कि विकास की गति बढ़ाने के लिए ई-शासन बहुत जरूरी है. इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है. ई-शासन से कार्य-कुशलता के साथ-साथ पारदर्शिता भी आती है. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में काल-सेंटर के माध्यम से आम लोगों की 30 लाख से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है. उन्होंने कहा कि ई-शासन की सार्थकता तभी है जब इसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे.

सूचना प्रौद्योगिकी सचिव हरिरंजन राव ने मध्यप्रदेश में ई-शासन, सूचना प्रौद्योगिकी के श्रेष्ठतम प्रयोगों तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की और इस पर आधारित एक प्रस्तुतीकरण भी किया. उन्होंने मेप-आईटी, इलेक्ट्रानिक विकास निगम, एनआईसी और एमपीऑन-लाइन के कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पीपीपी के माध्यम से 9,254 कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं.

श्री राव ने गेहूँ के ई-उपार्जन, पटवारी भर्ती की ऑन-लाइन परीक्षा सहित विभिन्न उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने बताया कि नई सूचना प्रौद्योगिकी निवेश नीति लागू की गई है.
इस नीति के अन्तर्गत आईटी कम्पनियों को रियायती दर भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी. इस अवसर पर नेस्कॉम की वाइस प्रेसीडेंट श्रीमती रमा वेदश्री ने भी विचार व्यक्त किए. कार्यशाला में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञों ने भाग लिया. राष्ट्रीय ई-शासन विभाग के प्रिसिंपल कन्सलटेंट डॉ. राजेश नारंग ने प्रस्तुतीकरण किया. कार्यशाला नेस्कॉम के सहयोग से हुई.

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