745 करोड़ से अधिक राशि की हुई व्यवस्था

भोपाल,20 फरवरी,राष्ट्रीय ई-गर्वेनेन्स कार्यक्रम में त्रि-स्तरीय पंचायतों के माध्यम से आम लोगों को मिशन मोड प्रोजेक्ट में शामिल जन-उपयोगी 23 सेवाएँ उपलब्ध कराने के मक़सद से प्रदेश की सभी 23 हजार 12 ग्राम पंचायत के कम्प्यूटरीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है.

ई-पंचायत कार्यक्रम में त्रि-स्तरीय पंचायतों को कम्प्यूटर से जोड़ कर त्र2ष्ट अर्थात शासकीय तंत्र से नागरिकों तक, अर्थात शासकीय तंत्र के मध्य तथा अर्थात शासकीय तंत्र से व्यवसाय प्रतिनिधि, जैसी सेवाएँ प्रदान की जायेगी. ई-पंचायत की व्यवस्था के लिए पंचायत में एक कक्ष रहेगा. कक्ष में तीन काउंटरों के जरिये एमपीएम सेवाएँ आम लोगों को सुलभ होगी. ई-पंचायत व्यवस्था के लिये 7 अरब 45 करोड़ 18 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रदेश में ई-पंचायत कार्यक्रम वर्ष 2015 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है. सभी 50 जिला पंचायत, 313 जनपद पंचायत और 23 हजार 12 ग्राम पंचायत में कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन और कम्प्यूटरीकरण के लिए एम.पी.स्टेट टेक ई-पंचायत सोसायटी गठित की गयी है.

केन्द्र द्वारा अधिकृत एजेंसी विप्रो द्वारा शिवपुरी और सीधी जिले में ई-पंचायत कार्यक्रम के प्रयोगों का अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट भी तैयार की जायेगी. त्रि-स्तरीय पंचायतों में अधोसंरचना व्यवस्था भी प्राथमिकता से सुनिश्चित करवाई जा रही है. प्रदेश में सभी जिला पंचायत और जनपद पंचायत के भवन उपलब्ध है. राज्य की 3636 भवनविहीन ग्राम पंचायत के भवन बनाने के मक सद से प्रत्येक भवन के लिए 10 लाख 85 हजार रुपये उपलब्ध करवाये गये हैं. साथ ही 19 हजार 378 ग्राम पंचायतों में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए प्रति पंचायत ढाई लाख की राशि उपलब्ध करवाई गई है. प्रथम चरण में प्रदेश की 2636 ग्राम पंचायत, जहाँ बीएसएनएल के ब्रॉड बैंड कनेक्शन उपलब्ध है, का कम्प्यूटरीकरण होगा. शेष ग्राम पंचायत को बीएसएनएल के वाय मैक्स  ब्रॉड बैंड कनेक्शन और जिन पंचायतों में बीएसएनएल के यह दोनों कनेक्शन उपलब्ध नहीं है उन्हें वी-सेट कनेक्शन के जरिये कम्प्यूटरीकृत किया जायेगा.

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