मायावती ने दी अखिलेश को चेतावनी

नई दिल्ली / लखनऊ, 14 अप्रैल. उत्तर प्रदेश में पार्कों और स्मारकों को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बीएसपी मुखिया मायावती आमने-सामने आ गई हैं। अम्बेडकर जयंती के मौके पर मायावती ने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि दलित समाज से जुड़ी हस्तियों की याद में बनाए गए पार्कों और स्मारकों से छेड़छाड़ की गई तो उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो जाएगी और इसके लिए सूबे की सरकार जिम्मेदार होगी।

गौरतलब है कि सीएम अखिलेश यादव कई बार कह चुके हैं कि पार्कों में बनीं मूर्तियों से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी, लेकिन पार्कों में बची हुई जगह में अस्पताल या कॉलेज खोलने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली में शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद कहा कि जिन्होंने पत्थर की मूर्तियां लगाईं, उन्हें जनता ने वोट के जरिए बाहर करके सजा दे दी। अखिलेश ने आगे कहा कि जहां तक इन मूर्तियों को लगाने और पार्कों के निर्माण में भ्रष्टाचार की बात है तो समाजवादी पार्टी की सरकार कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने मायावती का नाम लिए बिना कहा कि ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता कि किसी ने जिंदा रहते ही अपनी मूर्तियां लगवा ली हों।

जिस समय अखिलेश दिल्ली में मीडिया से बात कर रहे थे ठीक उसी समय मायावती लखनऊ में गरज रही थीं। माया ने कहा कि अगर पार्कों में किसी भी तरह का निर्माण कराया गया तो कानून-व्यवस्था बिगडऩे की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस पर जब अखिलेश से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद ही हमने साफ कर दिया था कि पार्कों में किए गए निर्माण कार्य को छेड़ा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अखिलेश ने कहा कि पार्कों में तीन हजार एकड़ जमीन खाली पड़ी है, उसमें गरीबों के लिए अस्पताल बनाने में क्या बुराई है। ड्रीम प्रोजेक्टों की जांच शुरू- इससे पहले यूपी सरकार ने लखनऊ से नोएडा तक बनाए गए दलित चेतना पार्क, अम्बेडकर पार्क, कांशीराम उद्यान, बौद्ध शांति उपवन और स्मृति उपवन जैसे माया के ड्रीम प्रॉजेक्टों में भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी है। सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके, इसके लिए अखिलेश सरकार ने रातोंरात राजकीय निर्माण निगम के 114 अफसरों को हटाकर हेडऑफिस से अटैच कर दिया है। यूपी के पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव ने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि घोटाले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे जेल जाना ही होगा।

अखिलेश का पलटवार

मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्को में खाली पड़ी जमीन के सद्पयोग पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनकी सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए मायाराज में बने पार्को की देखभाल में लगे 48 अधिकारियों के तबादले भी कर दिए। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। राज्य सरकार पूर्व में हुए निर्माण कार्यो से कोई छेड़छाड़ नहीं करेगी। उन्होंने इतना जरूर कहा कि पार्क के नाम पर तीन हजार एकड़ जमीन खाली पड़ी है उसका इस्तेमाल अस्पताल या शिक्षण संस्थान के निर्माण के लिए किया जा सकता है। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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