मुंबई. लगातार गिरते शेयर बाजार में बुधवार का दिन काला साबित हुआ और सेंसेक्स 365 अंक नीचे चला गया। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रूपए की कीमत गिरने की आशंका भी जताई जा रही है। जिसके परिणाम स्वरूप विकास दर में आने वाली गिरावट भारत को मंदी की कगार पर खड़ा कर सकती है। क्योंकि भारतीय बाजार दुनिया के अन्य बाजारों के मुकाबले ज्यादा गिर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अर्थव्यवस्?था के? लिए यह एक खतरनाक संकेत है।

लेनदेन अप्रत्यक्ष रूप से देश की आर्थिक सेहत की जानकारी प्रदान करते है। इसलिए एम1 में कमी से भी ऐसे संकेत मिल रहे है कि कि अर्थव्यवस्था जिस ओर बढ़ रही है वह ठीक नहीं है। इस बात की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारतीय अर्थव्यवस्?था मंदी की ओर बढ़ रही है।

गिरावट जा सकती है 20 फीसदी तक
घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को आई 365 अंक की भारी गिरावट ने निवेशकों को सोच में डाल दिया है। लगातार आठ दिन की गिरावट के सिलसिले को तोड़कर मंगलवार को सेंसेक्स के 119 अंक बढऩे पर लग रहा था कि लंबी नरमी के बाद लौटी यह तेजी कुछ दिन तो जरूर राहत देगी, पर बुधवार को बाजार ने एकदम से चाल बदल कर हैरान कर दिया। विदेशी बाजार के सकारात्मक रुख पर एक दिन पहले सुधरा बाजार ग्लोबल कारणों के चलते ही धराशाई हो गया।

टेलीकॉम शेयरों में तेजी की उम्मीद
इसे देखते हुए विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में बाजार में 20 फीसदी की और गिरावट आ सकती है। साथ ही उतार-चढ़ाव का दौर कुछ महीनों तक बना रहने की बात भी कही जा रही है। हालांकि विश्लेष्कों का एक वर्ग इस गिरावट के बावजूद टेलीकॉम शेयरों में मजबूती बरकरार रहने की बात भी कह रहा है। यूबीएस सिक्योरिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेश महादेवन का कहना है कि मौजूदा दौर के माहौल को देखते हुए टेलीकॉम शेयरों में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है।

सुरक्षा को जरूरी बताया जा रहा
विशेषज्ञों ने मजबूत आधार वाली टेली कंपनियों के शेयरों की गतिविधि पर नजर रखते हुए वाजिब स्तर पर इनकी खरीद का सुझाव दिया है। भारती एयरटेल और आइडिया जैसे शेयरों का नाम इस कतार में रखा जा रहा है, लेकिन ग्लोबल वजहों के बढ़ते प्रभाव के चलते ऐसे किसी भी निवेश में एक स्टॉप लॉस रखकर चलने की सुरक्षा को जरूरी बताया जा रहा है।

163 अंक घटा सेंसेक्स
वैश्विक बाजारों में नरमी के रुख के बीच भारी बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 163 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :एफडीआई: को सरकार की मंजूरी मिलने से खुदरा क्षेत्र और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। सेंसेक्स 15,891.05 अंक और 15,645.78 अंक के दायरे में घूमने के बाद 163.06 अंक की गिरावट के साथ 15,695.43 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 46.40 अंक टूटकर 4,710.05 अंक पर बंद हुआ। गिरावट की मार सबसे अधिक आईटी कंपनियों इन्फोसिस और टीसीएस के शेयरों पर पड़ी। हालांकि, पैंटालून रिटेल, शापर्स स्टाप और ट्रेंट जैसी खुदरा क्षेत्र की कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

बीएसई सेंसेक्स -2011 में बड़ी गिरावटें

तारीख        गिरावट (अंक)    बंद हुआ (अंक)
22 सितंब       704         16,361.15
24 फरवरी      546         17, 632.41
7 जनवरी      493         19,691.81
10 जनवरी     468         19,224.12
4 फरवरी         44         18,008.15
21 नवंबर      425         15,946.10
23 नवंबर      365         15,699.97
20 जून          364        17,506.63

पिछले 10 दिनों में सेंसेक्स की चाल (नवंबर, 2011)

दिनांक      उतार/चढ़ाव (अंक)  बंद हुआ (अंक)
23 नवंबर    (-365)                     15,699.97
22 नवंबर    (+119)                  16,065.40
21 नवंबर    (-425)                    15,946.10
18 नवंबर    (-90)                      16,371.51
17 नवंबर    (-314)                   16,461.71
16 नवंबर    (-107)                  16,775.87
15 नवंबर    (-236                    16,882.67
14 नवंबर    (-74)                   17,118.74
11 नवंबर    (-169)                 17,192.82
9 नवंबर    (-207)                  17,362.10

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