बदला लेने के बाद ही खाएंगे

पाक के प्रति राजपूताना राइफल्स में उबाल

Sudhakar deathनई दिल्ली, 11 जनवरी. भारत-पाकिस्तान सीमा पर नियंत्रण रेखा के निकट पाक सैनिकों के हमले में दो जवानों की हत्या से उनके रेजिमेंट के जवानों में बेहद आक्रोश है। इस घटना की बर्बरता से पूरे देश के लोगों में उबाल है। शहीद हुए दोनों जवान राजपुताना राइफल्स के थे।

इस रेजिमेंट के एक हजार जवानों ने अपने साथियों को खोने के गम में दो दिन से खाना नहीं खाया है। गुस्से से भरे सीमा पर तैनात 13 राजपुताना राइफल्स रेजीमैंट के जवान अपने साथियों की मौत से काफी आहत हैं और वे बार-बार अपने अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं। वह बदले की आग में झुलस रहे हैं और इस हमले के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम देने को आतुर हैं। इस रेजिमेंट के जवानों का कहना है कि वे जब तक बदला नहीं ले लेंगे, अनाज का एक दाना भी नहीं खाएंगे। गौर हो कि 13 राजपुताना राइफल्स के दो जवान हेमराज और सुधाकर सिंह पाकिस्तानी सेना के हमले में शहीद हो गए। पाक सैनिकों ने काफी बर्बरता की और उनके गले तक काटे गए। पाक सैनिक हेमराज का सिर भी अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद पूरे में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है।

सिखाओ 1965 के जैसा सबक: अन्ना हजारे

रालेगन सिद्धि। जम्मू-कश्मीर में दो जवानों की हत्या की खबरों से आहत सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुरुवार को पाकिस्तान को 1965 के जैसा सबक सिखाने की मांग की। यहां संवादाताओं से हजारे ने कहा कि उन्होंने जो कुछ किया है वह कतई मंजूर नहीं। किस तरह उन्होंने हमारे सैनिकों की हत्या कर दी और उनका सिर लेकर चलते बने? इसे कोई भी व्यक्ति बर्दाश्त नहीं करेगा। हजारे ने कहा कि लगता है पाकिस्तान 1965 में भारत के हाथों हुई पराजय को भूल गया है। उन्हें यह याद नहीं कि जब लाहौर पर बमों की वर्षा हुई थी तब वे किस तरह गिड़गिड़ा रहे थे?

हमेशा यह देश भारत के खिलाफ सिर उठाता रहता है। हम 1965 को दोहराना चाहते हैं। पाकिस्तान को फिर से वही सबक सिखाया जाए। 75 साल के हजारे ने सीमा पर जाकर दुश्मनों की फौज से लडऩे की इच्छा जाहिर की। गौरतलब है कि हजारे ने 12 साल तक भारतीय सेना में सेवाएं दी थीं। 1975 में वे ससम्मान सेवामुक्त हुए।

पाक की सीनाजोरी

भारत के उच्चायुक्त को तलब किया, नाराजगी जताई
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सीमा पर गोलीबारी में अपने एक सैनिक की मौत का विरोध जताने के लिये शुक्रवार को भारत के उच्चायुक्त शरत सभरवाल को तलब किया। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों बताया कि विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी ने कल सीमा पर भट्टल सेक्टर में हुई घटना पर सभरवाल से अपनी नाराजगी जतायी। इस बीच पाकिस्तान की तरफ से लगातार किए जा रहे सीजफायर उल्लंघन पर भारतीय सेना ने कड़ा विरोध जताया है। भारतीय सेना ने यह विरोध हॉटलाइन पर जताया है। रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पर्याप्त सैनिक हैं और सरकार देश के हितों की रक्षा के लिए तमाम कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि दोनो देशों के सेना अभियान महानिदेशक संपर्क में हैं.

एंटनी ने कहा कि उस बातचीत के नतीजे आने दीजिए. एंटनी ने कहा कि संषर्घविराम का इस तरह बार बार उल्लंघन और गोलीबारी गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह का अकेला मामला नहीं है. पिछले एक वर्ष से यह बढ़ रहा है. संघषर्विराम का उल्लंघन भी बढ़ रहा है. यह हमारे लिए चिंता का विषय है और दो दिन पहले की त्रासद और उकसावे की कार्रवाई इस मौके पर निर्णायक मोड़ है. रक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह संघषविराम का बार बार उल्लंघन और गोलीबारी एक गंभीर मसला है. हालांकि कश्मीर में पहले के मुकाबले हिंसा का स्तर घटा है लेकिन घुसपैठ की कोशिशें बढ़ रही हैं. एंटनी ने कहा हम पूरे घटनाक्रम पर और हमारी पूरी सीमा पर करीबी नजर बनाए हुए हैं तथा भारतीय सेनाएं चौकस हैं.

भारत की सेना का कहना है कि मंगलवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने उसकी सीमा के भीतर घुस कर हमला किया और उसके दो सैनिकों की हत्या कर दी, जबकि रविवार को एक अन्य पाकिस्तानी सैनिक मारा गया। गौरतलब है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इससे पहले छह जनवरी को हुई घटना पर विरोध जताने के लिये सात जनवरी को भारत के उप उच्चायुक्त गोपाल बागले को तलब किया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने दो सैनिकों की हत्या पर विरोध जताने के लिए पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर को तलब किया था। सूत्रों ने बताया कि भारत के उच्चायुक्त को तलब करने का फैसला जवाबी कार्रवाई के कारण किया गया है।

गौरतलब है कि कल सीमा पर भट्टल सेक्टर में हुई घटना से कुछ घंटे पहले पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने हाल में हुई हिंसा की घटनाओं को ज्यादा तूल नहीं देने के संकेत दिये थे। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान हाल में संघषर्विराम के उल्लंघन की घटनाओं को भारत के साथ शांति के प्रयासों की राह में बाधा के तौर पर नहीं देखता।

खार ने कहा था कि पाकिस्तान की सरकार और जनता भारत के साथ रिश्ते सामान्य करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने हाल ही में व्यापार संबंध फिर सामान्य करने और नयी वीजा नीति जैसे कदमों का उदाहरण दिया।

रोकी पुंछ-रावलकोट बस सेवा

श्रीनगर/नई दिल्ली . पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर और जम्मू-कश्मीर के बीच ‘पैगाम-ए-अमन’ बस सेवा को निलंबित किया। पाकिस्?तान ने शुक्रवार को पुंछ और रावलकोट के बीच चलने वाली बस सेवा पर रोक लगा दी है। 

सीमा पार यात्रा के लिए एक बड़े झटके के तहत पाकिस्तान ने शुक्रवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और जम्मू-कश्मीर के बीच चलने वाली बस सेवा ‘पैगाम-ए-अमन’ को स्थगित करने का फैसला किया। यह बस सेवा सोमवार से बंद कर दी जाएगी। पुंछ में व्यापार संचालन अधिकारी (टीएफओ) अब्दुल हामिद शेख ने बताया कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा के आर-पार चाकन दा बाग (जम्मू और कश्मीर) से रावलकोट (पाक अधिकृत कश्मीर) के बीच चलने वाली बस सेवा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को नियंत्रण रेखा के आर-पार यात्रा के लिए कोई बस सेवा उपलब्ध नहीं होगी। इस बस सेवा और नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार को दोबारा शुरू करने के बारे में हमें कोई समयावधि नहीं दी गई है।

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