अन्ना ने सरकार को फिर चेताया

तो सरकार को जाना होगा : अन्ना

नई दिल्ली, 3० जुलाई, नससे. समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपने अनशन के दूसरे दिन एक बार फिर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार को हर हाल में सशक्त लोकपाल लाना होगा अन्यथा उसे सत्ता से बाहर जाना होगा.

आज सुबह 11 बजे मंच संभालने के बाद अन्ना ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की लहर बन रही है. सरकार को जनता की मांगों के आगे झुकना होगा. उन्होंने कहा कि सशक्त लोकपाल की मांग सिर्फ टीम अन्ना की नहीं बल्कि पूरे देश की है. जिसे सरकार नजर अंदाज नहीं कर सकती. वहीं उनकी टीम अन्ना के सदस्य संजय सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भ्रष्टïाचारी नेताओं को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कैग की रिपोर्ट ने गुजरात में भी घोटाले की ओर संकेत किया है. लेकिन श्री मोदी जांच कराने के बजाए ऐसे ऐसे नेताओं को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं. वहीं टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि अगले कुछ दिन देश के भविष्य का फैसला करेंगे.

उधर आज अन्ना समर्थकों ने कृषि मंत्री शरद पवार के घर के बाहर प्रदर्शन भी किया. छह जनपद स्थित श्री पवार के आवास के बाहर अचानक पहुंचे अन्ना समर्थकों ने काफी देर तक हंगामा किया. समर्थकों ने श्री पवार के खिलाफ नारेबाजी की. अन्ना समर्थकों ने ऐलान किया है कि भ्रष्टाचार के आरोपी सभी केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ वे प्रदर्शन करेंगे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि श्री पवार ने सबसे बड़ा खाद्य घोटाला किया है. उन्होंने उनके घर पर चावल और आटा की थैलियां फेकी. इसके साथ ही अन्ना समर्थकों ने प्रधानमंत्री से मंत्रीमंडल में शामिल 14 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.

बातचीत के लिए रास्ते खुले-सोनी

जनलोकपाल की मांग को लेकर पिछले छह दिनों से आंदोलन कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे व उनकी टीम पर नरमी दिखाते हुए सरकार ने कहा है कि बातचीत के लिए रास्ते खुले हैं. सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि अपनी बात कहने का हर किसी को हक है. उन्होंने कहा कि सरकार लोकपाल के लिए प्रतिबद्ध है.

श्रीमती सोनी ने आज कहा कि लोकपाल के लिए सरकार भी प्रयासरत है. भ्रष्टïाचार पर नकेल कसने के लिए ही सरकार ने लोकसभा में लोकपाल विधेयक पेश किया था. फिलहाल यह राज्यसभा में सेलेक्ट कमेटि के पास है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत के लिए अभी भी रास्ते खुले हैं. अगर टीम अन्ना अपनी मांगो को आगे पहुंचाना चाहती है तो वह सेलेक्ट कमेटि से मिलकर बात कर सकती है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कई बार चर्चा हो चुकी है. बावजूद इसके टीम अन्ना इसको लेकर सतुंष्टï नजर नहीं आ रही है. सरकार हर हाल में लोकपाल लाना चाहती है. सरकार की मंशा पर किसी को शक करने का हक नहीं है. अगर किसी को शिक ायत है तो वह हमसे बातचीत कर सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने से अच्छा है कि लोग बातचीत का रास्ता अपनाएं.

वामदलों ने किया जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन

स्वामीनाथन की सिफारिशों को लागू करने तथा महंगाई के खिलाफ वामदलों ने जंतर-मंतर धरना प्रदर्शन किया है. जिसमें माकपा, भाकपा, फारवर्ड ब्लॉक व आरएसपी के कार्यकर्ताओं व नेताओं ने भाग लिया. वाम नेताओं ने सरकार पर गरीब व किसान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार के पास गरीबी के सही आंकड़े तक नहीं हैं. सरकार की ओर से गरीबों के लिए योजना तैयार करने वाले अधिकारी कहते हैं कि एक दिन में 32 रूपए कमाने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है. वाममोर्चा सरकार की गलत नीतियों का सड़क से लेकर संसद तक विरोध जारी रखेगा.

भाकपा नेता अतुल अंजान ने कहा कि एक तरफ देश महंगाई व भ्रष्टïचार से जूझ रहा है तो दूसरी सरकार ऐसी नीतियों का लाने की तैयारी कर रही है जिससे कि गरीबों तक सस्ता अनाज पहुंचने में कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि वाम मोर्चा चाहता है कि सरकार कृषि का बजट ज्यादा बढ़ाए और खाद्य सुरक्ष को सुनिश्चित करे. उन्होंने सरकार से मांग की कि वह प्रतिमाह दो रूपए प्रतिकिलो कीमत पर प्रति परिवार 35 किलो अनाज उपलब्ध कराए. इसके साथ ही स्वामीनाथन की सिफारिशों को लागू करे. खाद्य सुरक्षा के नाम पर हो रही साजिश के खिलाफ व असल खाद्य सुरक्षा के लिए माकपा ने खाद्य सुरक्षा अभियान चलाने का फैसला किया है. वामदलों का यह धरना प्रदर्शन पांच दिनों तक चलेगा. जिसमें माकपा,भाकपा,फारवर्ड ब्लाक व आरएसपी के आला नेता भी शामिल होंगे.

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