• एबीवीपी छात्र नेता सम्मेलन

भोपाल,17 नवम्बर.  उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि छात्र नेता उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के संवाहक बनें. शर्मा आज यहाँ समन्वय भवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे. सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्बोधित किया.

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर वर्ष छात्र संघ चुनाव कराये जायेंगे. इस वर्ष के अनुभवों को देखते हुए अगले साल सुधार लाया जायेगा. शासन ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए सेमेस्टर पद्धति में संशोधन कर शैक्षणिक कैलेण्डर का सख्ती से पालन करते हुए परीक्षा परिणाम समय पर घोषित कर नया सत्र एक जुलाई से प्रारंभ करने का निश्चय किया है. उन्होंने छात्र नेताओं से इसमें सहयोग की अपेक्षा की. शर्मा ने कहा कि छात्र नेताओं का सम्मेलन शासन स्तर पर बुलाया जाएगा. उच्च शिक्षा के अधिकारियों के साथ आमने-सामने चर्चा कर सुधार के लिए जरूरी कदम उठाये जायेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्र संघ पदाधिकारियों की विश्वविद्यालय कार्य परिषद में सहभागिता, जनभागीदारी समिति में भागीदारी तथा महाविद्यालयों में संघ के लिए कक्ष के संबंध में निर्देश दिये है, उन पर शीघ्र पालन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि भवन विहीन महाविद्यालय में भवन निर्माण के समय निर्माण योजना में ही छात्र संघ का कक्ष निर्धारित कर दिया जायेगा.

शर्मा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान सरकार ने 32 नये महाविद्यालय दूरस्थ क्षेत्रों में स्थापित किये है. इसी वित्तीय वर्ष में कुछ महाविद्यालय स्थापित किये जायेंगे. उच्च शिक्षा में सुधार के लिए विश्व बैंक से प्रस्तावित 250 करोड़ की सहायता के संबंध में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व बैंक के साथ बातचीत चल रही है. राज्य हित की दृष्टि को देखते हुए सहायता की शर्तो का अध्ययन कर निर्णय लिया जायेगा.

समाज की सोच बदलने में छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण –सीएम

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि समाज की सोच बदलने में छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है. नेतृत्व वही है जो समाज को दिशा दे. उन्होंने कहा कि नेतृत्वकर्ता निष्पक्ष, धैर्यवान, उत्साही और अहंकार से मुक्त हो. चौहान ने यह बात आज समन्वय भवन में आयोजित छात्र नेता सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि नेतृत्व वह है जो मूल्यों के लिये संघर्ष करे. उन्होंने शिक्षा के निजीकरण से उत्पन्न समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि इस दिशा में नियामक संस्था बनाने पर विचार किया जा रहा है. चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिये त्रिआयामी प्रयास करने होंगे. भ्रष्टाचारियों के लिये कड़े दण्ड के प्रावधान, पारदर्शिता द्वारा व्यवस्थागत सुधार और मानसिकता परिवर्तन के प्रयास जरूरी हैं. उन्होंने बताया कि बच्चों को गणवेश, साइकिलें आदि की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में जमा की जा रही है. टेण्डर प्रक्रिया में पारदर्शिता की पहल की गयी है. ई-टेण्डरिंग हो रही है और ई-पेमेंट की ओर भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं.

चौहान ने कहा कि आज बच्चों के जन्म में बेटियों की तुलना में बेटों की संख्या बढ़ रही है. यही स्थिति रही तो भविष्य भयावह होगा. उन्होंने छात्र नेताओं का आव्हान किया कि वे बेटा-बेटी के भेदभाव को समाप्त करने के लिये संकल्पित हों. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री उमेश दत्त शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री के.एन.रघुनंदन, क्षेत्रीय संगठन मंत्री विष्णुदत्त शर्मा, मध्य प्रांत की प्रांतीय मंत्री सुश्री भारती कुम्भारे, महाकौशल के प्रांत मंत्री वृजेन्द्र गौतम सहित प्रदेश के विभिन्न, विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों के छात्र नेतागण उपस्थित थे.

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