बेगमगंज, 28 नवंबर नससे. उपजेल बेगमगंज का एक प्रहरी नशे की हालत में बेसुध होकर नया बस स्टेण्ड पर बैठा रहा तो कभी गिरता पड़ता रहा. उसे न तो अपना ही होश था और ना ही पहने हुए खाकी ड्रेस का.

और तो और उसका नीला कैप जिस पर तीन शेर वाला चिह्न व विभागीय चिह्न का लोगों लगा हुआ था उसके जूतों पर पड़ा रहा लेकिन वह तो बेसुध डला खाकी का तमाशा बनाता रहा और लोग उसके आसपास जमा होकर उसके नजारे देखते रहे. उक्त जेल प्रहरी गुलजार सिंह के आए दिन नशे में धुत होकर ऐसी हरकतें करता रहता है.  लोगो ने बताए कि वह शराब के नशे में इतना अधिक धुत हो जाता है कि उसे कुछ भी खयाल नहीं रहता कि वह कहां डला है. नशा अधिक होने के कारण वह कहीं पैर रखता है और उसके कदम कहीं पड़ते हैं. गिरता पड़ता कहीं भी ड्रेस पहने हुए डला रहता है. ऐसा नहीं है कि उसकी इस हरकत की खबर जेल विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को न हो लेकिन उसपर लगाम कसने वाला कोई नहीं है. जब जेल की सुरक्षा करने वाले ही मदहोश है तो फिर बंदियों की सुरक्षा किस तरह होती होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है.

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