दो दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं

रायपुर, 27 अपै्रल. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के अपहृत जिलाधिकारी एलेक्स पाल मेनन को मुक्त करने के लिए नक्सलियों ने अपनी नई मांगों के तहत 17 साथियों को रिहा करने के लिए कहा है। सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को राज्य सरकार एवं नक्सलियों द्वारा नियुक्त मध्यस्थों की बैठक के बाद यह नई मांग सामने आई है। रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार एवं नक्सलियों के मध्यस्थों के बीच दूसरे चरण की वार्ता शुक्रवार सुबह नौ बजे शुरू हुई। प्रथम चरण की वार्ता गुरुवार को हुई थी।

छत्तीसगढ़ के अगवा डीएम की रिहाई पर दो दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। हालांकि मध्यस्थों को उम्मीद है कि जल्दी ही कोई नतीजा निकल आएगा। राज्य सरकार की ओर से मध्यस्थ निर्मला बुच ने शुक्रवार को रायपुर में बताया कि अभी तक की बैठक सकारात्मक रही है और उम्मीद है कि जल्द ही कोई नतीजा निकल सकेगा। बुच ने बताया कि अभी तक की बैठक से उम्मीद की जा सकती है कि अगली बैठक में जल्द ही इस पर कोई नतीजा निकल सकेगा। उन्होंने कहा कि इस मसले के हल के लिए अगली बैठक जल्द ही होगी। माओवादियों की ओर से मध्यस्थ हरगोपाल ने बताया कि चर्चा अभी आगे बढ़ी है तथा जल्द ही नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि दो दौर की चर्चा में माओवादियों की मांगों और राज्य सरकार के पक्ष को लेकर बातचीत हुई है और उम्मीद है कि अगली बैठक में इसका नतीजा निकल सकेगा।

हरगोपाल ने कहा कि सभी पक्ष चाहते हैं कि इस मसले का हल निकले।  राज्य शासन के अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों के मध्यस्थ बी. डी. शर्मा और प्रफेसर हरगोपाल हेलीकाप्टर से ताड़मेटला की ओर रवाना हो रहे हैं। इससे पहले अपने संदेश में माओवादियों ने मध्यस्थों को कलेक्टर मेनन के लिए दवा लेकर ताड़मेटला तक ही बुलाया था। इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि बातचीत का दौर शुरू हो चुका है और दोनों पक्ष सकारात्मक हैं। यदि माओवादी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए बंधक कलेक्टर को रिहा कर देंगे तो बातचीत और सार्थक होगी। सिंह ने कहा कि माओवादियों के मध्यस्थ बी. डी. शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल यदि ताड़मेटला आदि क्षेत्रों में जाना चाहते हैं तब राज्य सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराएगी।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का बीते शनिवार माओवादियों ने अगवा कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा गार्डों की हत्या कर दी थी। इसी दौरान राज्य सरकार ने माओवादियों से समय सीमा में बढ़ोतरी करने की मांग की थी। राज्य शासन की इस अपील के बाद माओवादियों ने ई मेल भेजकर शासन को पहले उनकी मांगों पर अपना रवैया स्पष्ट करने के लिए कहा है। वहीं उन्होंने 17 लोगों को छोडऩे की मांग कर दी है।

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