मुंबई. चीनी कंपनियों को सरकार से करीब 1700 करोड़ रुपए का तोहफा मिल सकता है.
पता चला है कि  फूड मिनिस्ट्री चीनी कंपनियों से लेने वाली लेवी कोटे की चीनी में 50 फीसदी तक कटौती कर सकती है. लेवी कोटे की चीनी होती है वह सरकार चीनी मिलों से सस्ते खरीदती है और सरकारी राशन की दुकानों पर बेचती है.

यह खबर चीनी मिलों के लिए बड़ी राहत की बात हैए क्योंकि घरेलू बाजार में जिस दाम पर चीनी कंपनियां अपनी चीनी बेचती है. उससे बहुत ज्यादा मुनाफा उन्हें नहीं हो पाता है. अगर सरकार अपने लेवी कोटे की चीनी घटाकर आधे कर देती है. फिलहाल सरकार के नियम यह कहते है कि जो भी सरकारी लेवी कोटे में चीनी लेगीए उनके कुल उत्पादन का 10 फीसदी होगा. अगर इसे घटाकर आधे कर देती है तो चीनी मिलों को कम से कम 1300 करोड़ रुपए का फायदा होगाए क्योंकि अभी लेवी कोटे में चीनी जाती हैए सरकार खरीदती है. वह घरेलू बाजार में चीनी कंपनियां चीनी बेचती है उनसे करीब 10 रुपए प्रति किलो सस्ते में बेचती है.

अगर उनका आधा हो जाता है तो उन्हें करीब 13 लाख टन चीनी घरेलू बाजार में बाजार की कीमत पर बेचने की छूट मिल जाएगी. जिससे उन्हें करीबन 1300 करोड़ रुपए का फायदा होगा.
दरअसल, सरकार अभी फिलहाल 10 फीसदी के हिसाब से लेवी कोटे की चीनी लेती है. चीनी इंडस्ट्री का कहना है कि अभी 260 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है. अगर 10 फीसदी देती है तो 26 लाख टन हो जाता है. पहले से ही पिछले साल की 21 लाख टन चीनी बची हुई है. इतनी ज्यादा चीनी की जरुरत लेवी कोटे में नहीं है, क्योंकि मुश्किल से 16.17 लाख टन चीनी की खपत हो पाती है. सरकार इसे कम करें. हमें सूत्रों से पुख्ता जानकारी मिली है कि फूड मिनिस्ट्री इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है और इस प्रस्ताव को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स के पास जाने की जरुरत नहीं है. सिर्फ फूड मिनिस्टर अपने ऑर्डर से इसे जारी कर सकते है. साथ ही माना जा रहा है कि जल्द से जल्द अगले दो तीन हफ्ते में इस पर अंतिम फैसला देखा जा सकता है.

बैंक नहीं बेचेंगे सोना

मुंबई. बैंकों के सोना बेचने पर आरबीआय पाबंदी लगा सकता है. सोने के बढ़ते इंपोर्ट को कम करने के लिए आरबीआय यह फैसला ले सकता है. देश के इंपोर्ट बिल में सोने का भारी योगदान होता है.

ऐसे में अगर बैंक सोना इंपोर्ट में कमी लाते है तो व्यापार घाटा कम होगा और इससे रुपए को मजबूती मिलेगी. साल 2008 में रुपए की मजबूती पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक ने बैंकों को सोना बेचने की इजाजत दी थी और अब रुपए कमजोरी रोकने के लिए आरबीआय सोना के इंपोर्ट में कमी लाना चाहती है. पिछले साल अगस्त से अब तक रुपए में 30 फीसदी की कमजोरी आ चुकी है और इसकी गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है.

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