जरदारी पर मामले चलाने परवेज पर दबाव बढ़ा

इस्लामाबाद, 27 जून. पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ पर दबाव बढ़ाते हुए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आज उनसे स्विट्जरलैंड में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने के अपने आदेश पर 12 जुलाई तक जवाब देने को कहा.

इस, तरह से पाकिस्तान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ भी कानूनी पचड़े में फंसते दिख रहे हैं.  न्यायमूर्ति नसीर उल मुल्क की अगुवाई वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने अटॉर्नी जनरल इरफान कादिर से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा ने राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करने से इंकार किया था. इस कारण कोर्ट ने गिलानी को अवमानना का दोषी ठहराते हुए सजा मुकर्रर की थी. पीठ ने अपने संक्षिप्त आदेश में उम्मीद जताई है कि नए प्रधानमंत्री परवेज अशरफ कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करेंगे. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जुलाई मुकर्रर की है.

इसी मामले में पद गंवा चुके हैं गिलानी

उल्लेखनीय है कि 19 जून को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने यूसुफ रजा गिलानी को अवमानना का दोषी ठहराते हुए प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार दिया था. इसके बाद सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के प्रमुख और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपने करीबी रजा परवेज अशरफ को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था. गिलानी ने जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए स्विस अधिकारियों से संपर्क करने के शीर्ष अदालत के बार-बार दिए आदेशों को नहीं माना था. इसके बाद कोर्ट ने गिलानी को दोषी करार दिया और 26 अप्रैल को सांकेतिक सजा दी थी.

जरदारी को बचाना चाहते हैं परवेज

गिलानी ने दलील दी थी कि राष्ट्रपति को पाकिस्तान में और विदेश में छूट प्राप्त है और सरकार कुछ नहीं कर सकती. नए प्रधानमंत्री अशरफ ने भी पद संभालने के कुछ ही देर बाद रविवार को कहा था कि पीपीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जरदारी के खिलाफ मामलों को फिर से खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र नहीं लिखेगी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनके तथा गिलानी के बीच कोई अंतर नहीं है. अशरफ ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार अन्य संस्थानों से टकराव नहीं चाहती और संविधान एवं कानून के अनुसार काम करेगी.

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