भोपाल, 27 मई. मप्र सरकार ने हाल में राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन की घोषणा की है.
औद्योगिक संबंधों के मामलों में श्मशान जैसी शांति वाले प्रदेश में जहां राज्य सरकार का कोई पब्लिक सेक्टर नहीं बचा है वहां पर इस तरह की पुलिस फोर्स का गठन सरासर गैर जरुरी है.

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य व्यापी आव्हान पर औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन की घोषणा के विरोध में प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन ज्ञापन दिए गये और कहीं कहीं प्रदेश सरकार के पुतले भी फूं के गये. माकपा राज्य सचिव कॉ बादल सरोज ने प्रेस विज्ञप्ति में के माध्यम से बताया कि भाजपा सरकार के द्वारा औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन की घोषणा मजदूरों के शोषण को संरक्षण देने के लिए सरकारी खर्च पर दमनकारी दस्ते उपलब्ध कराना है. ज्ञातव्य हो कि इसी सरकार ने करीब दो वर्ष पहले पुलिस थाने घरानों को देने का निर्णय लिया था. माकपा राज्य सचिव के अनुसार सरकार की मजदूर विरोधी नीतियां आम जनता बरदाश्त नहीं करेगी . और दमन व उत्पीडऩ के हथियार से प्रदेश में राज चलाने की सरकार की मंशा आम जनता स्वीकार नहीं करेगी.

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