भोपाल, 3 जून. राज्यपाल महामहिम रामनरेश यादव ने आज सागर में अशासकीय स्वामी विवेकानंद विवि का शुभारंभ किया. उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन की आधारशिला भी रखी.

यादव ने कहा कि 65 वर्ष पूर्व बुन्देलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिये एक महान दानवीर और शिक्षाविद डॉ. सर हरीसिंह गौर ने अपनी मेहनत की कमाई से सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की थी. उन्हीं के विचारों को आगे बढ़ाते हुए प्रखर शिक्षा प्रचार समिति ने स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय की स्थापना की है. उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के अनुसार इस निजी शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों को नैतिकता और राष्ट्रीयता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिये. उन्होंने आव्हान किया कि विद्यार्थी जो शोध करें और तकनीक समझें, वह ग्रामीण किसानों तक पहुंचाई जाना चाहिये. उन्होंने कहा कि संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह इस क्षेत्र के गरीब, पिछड़े और ग्रामीण विद्यार्थियों को कम शुल्क पर बेहतर से बेहतर गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया करवायें.

अध्यक्षीय उद्बोधन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि वर्तमान में अनेक बड़े-बड़े शैक्षणिक संस्थान चल रहे हैं. आवश्यकता इस बात की है कि शैक्षणिक संस्थान अनेक विषय व कोर्सों के साथ रोजगारोमुन्खी शिक्षा कार्यक्रम चलायें. सांसद भूपेंद्र सिंह, विधायक गोविन्दसिंह राजपूत, स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय तिवारी, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश पान्डे ने भी संबोधित किया. इससे पहले राज्यपाल ने ध्वज फहराकर विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगीत, प्रतीक-चिन्ह और विवरणिका का विमोचन भी किया गया. दमोह सांसद शिवराजसिंह लोधी, विधायक शैलेन्द्र जैन, प्रदीप लारिया, नारायण प्रजापति सहित अनेक जन-प्रतिनिधि, प्राध्यापक, प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित थे.

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