कमिश्नर रखेंगे स्वास्थ्य विभाग पर नजर

भोपाल,23 सितंबर.मुख्य सचिव आर. परशुराम ने स्वाइन फ्लू के मामले में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही संभागायुक्तों को भी अपने क्षेत्र में रोग नियंत्रण प्रयासों की निगरानी करने को कहा है.

मुख्य सचिव द्वारा आहुत बैठक में बताया गया कि जिला अस्पतालों एवं अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिये आवश्यक औषधियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं. रोग की आशंका की स्थिति में नागरिकों द्वारा आवश्यक जाँच करवाई जाना चाहिए. इधर,प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया प्रदेश में स्वाईन फ्लू की आशंका पर रोगियों को जरूरी उपचार सुविधाएँ दी जा रही हैं. स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक औषधियाँ भी उपलब्ध करवाई गई हैं.

आरोग्य केन्द्रों में औषधियों के साथ ही प्रत्येक सेक्टर के लिये प्रभारी बनाये गये चिकित्सकों के निरीक्षण की व्यवस्था की गई है. निरंतर बुखार, सर्दी, जुकाम एवं खाँसी की शिकायत पर पीडि़त व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचकर आवश्यक परीक्षण एवं उपचार सुविधा का लाभ प्राप्त करना चाहिए.उधर,स्वास्थ्य विभाग ने जरूरत के अनुसार मास्क व्यवस्था के लिए भी कहा गया है. प्रमुख सचिव ने जानकारी दी कि स्वाईन फ्लू की आशंका होने पर जबलपुर स्थित जाँच लेब में अब प्रतिदिन 50 के स्थान पर 100 सेम्पल की जाँच की जा सकेगी. भारत सरकार से भी स्वाईन फ्लू नियंत्रण में आवश्यक सहयोग प्राप्त करने के लिए पूर्व में आग्रह किया गया था. अब पुन: आवश्यक सामग्री आपूर्ति का आग्रह किया गया है.

कलेक्टर, कमिश्नर को भी पत्र
स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टर, कमिश्नर को पत्र लिखकर अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों ने कार्य पर निगाह रखने को कहा है. जिला एवं संभाग स्तर पर रोग नियंत्रण की सतत समीक्षा भी करने को कहा गया है.

आइएमए, निजी अस्पताल और संस्थाओं से समन्वय
स्वास्थ्य विभाग ने इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन और प्राइवेट अस्पतालों से समन्वय भी बढ़ाया है. लोगों को रोग के प्रति जागरुक बनाने, रोग की शीघ्र पहचान और आइसोलेशन वार्ड व्यवस्था के लिए प्रदेश के लगभग 40 बड़े प्राइवेट अस्पतालों को भी सहयोगी बनाया जा रहा है. केमिस्ट एसोसिएशन से आग्रह किया गया है कि बिना चिकित्सकों के परामर्श के दवाइयाँ न दें.

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