लाहौर, 24 जून. पाकिस्तानी टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का मानना है कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट ने पाकिस्तान के खिलाडिय़ों की तकनीक को प्रभावित किया है और उनकी फिटनेस सम्बंधी मुद्दों को उजागर किया है.

समाचार पत्र ने अख्तर के हवाले से लिखा है कि मुझे लगता है कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट हमारे खिलाडिय़ों के लिए अच्छा नहीं है. इससे उनकी तकनीक पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. साथ ही साथ अधिकतर ट्वेंटी-20 क्रिकेट खेलने से खिलाडिय़ों के फिटनेस सम्बंधी मुद्दे भी सामने आए हैं. ‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर अख्तर ने वर्ष 2011 विश्वकप के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. अख्तर ने खलाडिय़ों को सलाह दी है कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट के लुभाने फॉर्मेट में खेलने की बजाए उन्हें एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

पत्र के मुताबिक अख्तर ने कहा कि मैं जानता हूं कि क्रिकेट के इस छोटे फॉर्मेट में खिलाडिय़ों के लिए अधिक पैसा है लेकिन मैं उन्हें सलाह देना चाहूंगा कि वह एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि किसी भी क्रिकेट खिलाड़ी का असली इम्तिहान उसी में होता है.

इससे उसकी फिटनेस और तकनीक में सुधार होगा.
यह पूछने पर कि क्या वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना चाहते हैं, इस पर अख्तर ने कहा कि उन्होंने इस बारे में सोचा जरूर था लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें क्रिकेट से दूर रहने की सलाह दी है. बकौल अख्तर- मैंने सोचा की मुझे देश के लिए एक बार फिर खेलने की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन फिटनेस की समस्या इसमें आड़े आ रही है. डॉक्टर मुझे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की सलाह नहीं दे रहे हैं.

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