• आईबी ने दी चेतावनी

हिटलिस्ट में राजनेता, अभिनेता और उद्योगपति

नई दिल्ली, 7 नवंबर. आईबी ने खुलासा किया है कि देश में 36 वीवीआईपी लश्कर और जैश जैसे खूंखार आतंकवादी संगठनों के निशाने पर हैं। आतंकियों की लिस्ट में कई बड़े नेता और फिल्मस्टार शामिल हैं।


आईबी के मुताबिक आतंकियों के निशाने पर यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाकृष्ण आडवाणी, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजनाथ सिंह हैं। आईबी ने इस बारे में राज्यों के डीजीपी को चिठ्ठी लिखी है। सूत्रों के मुताबिक इन वीवीआईपी को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान में बाकायदा उनकी फोटो दिखाकर ट्रेनिंग दी जा रही है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इस साजिश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी हाथ है। आतंकी टॉर्च, कैमरे और खिलौनों से हमला कर सकते हैं। आईबी के मुताबिक पीओके में करीब ढ़ाई हजार आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। आईबी के अनुसार पिछले सात महीने में घुसपैठ की 60 बार कोशिश की गयी है।

35 से अधिक आतंकी गुटों पर लगा प्रतिबंध

राष्ट्रीय जांच एजेंसी [एनआईए] ने बब्बर खालसा, अल कायदा, लश्कर, जैश सहित 35 से अधिक आतंकी गुटों को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में डाला है। एनआईए की सूची में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, इंटरनेशनल सिक्ख यूथ फेडरेशन के नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक पंजाब में आतंकवाद के दौरान ये आतंकी गुट काफी सक्रिय थे और अब भी दुनिया में विभिन्न जगहों पर इनके सदस्य मौजूद हैं। हाल ही में खुफिया एजेंसियों ने पंजाब को आगाह किया था कि बब्बर खालसा अपनी गतिविधियां तेज कर सकता है।

सूची में पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मुहम्मद, हरकत-उल-मुजाहिदीन, हरकत-उल-अंसार, हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी, हिजबुल मुजाहिदीन, अल-उमर-मुजाहिदीन, जम्मू-कश्मीर इस्लामिक फ्रंट, स्टूडेंटस इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया [सिमी], दीनदार अंजुमन, अल बदर, जमात उल मुजाहिदीन, अल कायदा, दुख्तरन ए मिल्लत और इंडियन मुजाहिदीन के नाम भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए बम विस्फोट के पीछे हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ माना जा रहा है और इस सिलसिले में एनआईए ने गिरफ्तारियां भी की हैं। उन्होंने कहा कि लश्कर, जैश और हिज्ब आतंकियों ने भारत में बड़े पैमाने पर तबाही की है। न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि वाणिज्यिक राजधानी मुंबई, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में आतंकी वारदात के पीछे इन गुटों का हाथ है। इन गुटों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से पूरा समर्थन हासिल है और सीमा पार बैठे संगठनों के आका भारत में सक्रिय आतंकियों को समय-समय पर सलाह देते रहते हैं।

एनआईए की सूची में पूर्वोत्तर के कई आतंकी गुट भी शामिल हैं। इनमें यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम [उल्फा], नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड [एनडीएफबी], पीपुल्स लिबरेशन आर्मी [पीएलए], यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट [यूएनएलएफ], पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी आफ कांगलीपक, कांगलीपक कम्युनिस्ट पार्टी, मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट, आल त्रिपुरा टाइगर फोर्स, नेशनल लिबरेशन फ्रंट आफ त्रिपुरा आदि शामिल हैं। एजेंसी ने प्रतिबंधित आतंकी गुटों में लिटटे, कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया [एमएल] पीपुल्स वार, एमसीसी, तमिलनाडु लिबरेशन आर्मी, तमिल नेशनल रिट्रीवल ट्रूप्स, अखिल भारत नेपाली एकता समाज, भाकपा-माओवादी को भी शुमार किया है।

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