करीब 6 साल तक टाटा मोटर्स के शोरूम से अपनी कारें बेचने के बाद अब फिएट ने भारत में खुद के दम पर वाहनों की बिक्री करने का निर्णय किया है। फिएट की कारों के प्रति ग्राहकों की ठंडी प्रतिक्रिया को देखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाया है.

इस कदम के तहत फिएट भारत में एक नई सहायक इकाई का गठन करेगी, जो कंपनी की कारों की बिक्री, वितरण, बिक्री बाद सेवा (सर्विस) और इससे जुड़ी अन्य सेवाओं का काम संभालेगी। नई कंपनी पर सीधे फिएट समूह का नियंत्रण होगा। हालांकि जब तक नई इकाई का गठन नहीं हो जाता है तब तक फिएट ब्रांड की कारों का वितरण और इससे जुड़ी सेवा की जिम्मेदारी टाटा मोटर्स के हाथों में ही होगी। कंपनी के गठन के बाद टाटा मोटर्स भारत में फिएट कारों के वितरण और सेवा की जिम्मेदारी कंपनी की नई इकाई को सौंप देगी।

फिएट ने टाटा मोटर्स के साथ मार्च 2006 में बिक्री और वितरण के लिए करार किया था। इस करार के तहत फिएट इंडिया ऑटोमोबाइल्स (एफआईएपीएल) नाम से कंपनी का गठन किया गया था, जिसमें टाटा मोटर्स और फिएट की बराबर हिस्सेदारी है। टाटा मोटर्स और फिएट ने संयुक्त बयान जारी कर कहा, च्दोनों कंपनियां इस बात पर सहमत हुई हैं कि भारत में फिएट ब्रांड के विकास के लिए फिएट की व्यावसायिक और वितरण गतिविधियों को नई इकाई को सौंप दिया जाएगा। इस इकाई का स्वामित्व फिएट समूह के पास होगा।ज् टाटा मोटर्स और फिएट के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि संयुक्त उद्यम कंपनी एफआईएपीएल में किसी तरह का ढांचागत बदलाव नहीं होगा और इस कंपनी के तहत फिएट, टाटा मोटर्स और सुजूकी के लिए कार, इंजन और ट्रांसमिशन का उत्पादन पह

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